नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच ने स्टेबल आउटलुक के साथ भारत की संप्रभु रेटिंग को बीबीबी माइनस रखने की पुष्टि की है। साथ ही एसेंजी ने कहा है कि देश की मध्यम अवधि की विकास क्षमता काफी मजबूत है।

फिच ने कहा, “भारत की रेटिंग एक मजबूत मध्यम अवधि के विकास दृष्टिकोण को संतुलित करती है और कमजोर राजकोषीय वित्त के साथ अनुकूल बाहरी संतुलन एवं कुछ संरचनात्मक कारकों की खामियां जिनमें शासन मानदंड एवं बेहद मुश्किल लेकिन सुधरते व्यापारिक माहौल हैं।”

फिच ने अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष में भारत 7.3 फीसद की जीडीपी ग्रोथ से बढ़ सकता है, जबकि वित्त वर्ष 2019-20 में यह 7.5 फीसद रह सकती है। वहीं 31 मार्च 2018 को खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए 6.7 फीसद की ग्रोथ का अनुमान लगाया है। फिच ने कहा, “स्थिर आउटलुक का फिच का आंकलन दर्शाता है कि ऊपरी और निचले स्तर के जोखिम रेटिंग के लिहाज से बेहद संतुलित होते हैं।”

वार्षिक संप्रभु रेटिंग के लिए फिच समीक्षा मूडीज की ओर से 14 साल बाद भारत की रेटिंग अपग्रेड के बाद सामने आई है। वहीं स्टैंडर्ड एंड पुअर ने अपनी पिछली रेटिंग को ही बरकरार रखा है। फिच ने कहा है कि भारत का राजकोषीय वित्त कमजोर है, लेकिन चालू खाता घाटा की स्थिति अनुकूल है। फिच ने स्टेबल आउटलुक के साथ भारत की रेटिंग को बरकरार रखा है। उसने भारत को यह रेटिंग 11 साल पहले दी थी।

Posted By: Praveen Dwivedi

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