नई दिल्ली (जेएनएन)। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 7.4 फीसद से घटाकर 6.9 फीसद कर दिया है। अप्रैल-जून तिमाही के दौरान देश की जीडीपी में आई गिरावट के कारण फिच रेटिंग्स ने अपने अनुमान को घटाया है। आपको बता दें कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान देश की जीडीपी 5.7 फीसद के साथ तीन साल के निचले स्तर पर चली गई है।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने कहा कि हालांकि वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि नवंबर 2016 में लिए गए नोटबंदी के फैसले और जुलाई 2017 में देशभर में लागू हुए वस्तु एवं सेवा कर कानून (जीएसटी) के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं।

फिच ने अपने हालिया वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कहा है, “बैंकों की बढ़ी हुई गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के कारण ऋण वृद्धि और व्यापार निवेश के लिये परिदृश्य कमजोर बना हुआ है।” वहीं इससे पहले एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भी निजी खपत, विनिर्माण और निवेश में कमजोर रुख के कारण पिछले महीने देश की जीडीपी में वृद्धि दर के अनुमान को 7.4 फीसद से घटाकर 7 फीसद कर दिया था। आपको बता दें कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2016-17 में 7.1 फीसद रही थी। फिच ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में इस साल सुधार हुआ है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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