नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2016-17 के लिए रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की ग्रोथ का अनुमान 7.4 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है। एजेंसी ने इस बदलाव की वजह भारत सरकार की ओर से लिए गए नोटबंदी के फैसले को बताया। एजेंसी ने कहा फैसले के बाद अनिश्चितता के माहौल के चलते ऐसा किया गया। फिच का यह अनुमान मंगलवार को उसकी द्विमासिक रिपोर्ट में सामने आया है।

फिच ने अपने न्यूजलेटर में कहा, '8 नवंबर के बाद भारत की अर्थव्यवस्था में कमी आई है। इसे देखते हुए विकास दर का पूर्वानुमान घटाना पड़ा है।’ अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, फिच ने कहा है कि इस कदम से कुछ लाभ की संभावना है, जो कि ज्यादा नकारात्मक है। स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है कि सरकार के वित्तीय और मध्यम अवधि विकास दर में कोई बदलाव ला सके। फिच ने कहा है कि नोटबंदी का असर जितने दिन रहेगा, उतने दिन अर्थव्यवस्था पर असर होगा। गौरतलब है कि भारत सरकार ने नोटबंदी का फैसला बीते 8 नवंबर को लिया था।

नोटबंदी से हुआ अल्पकालिक नुकसान
फिच ने कहा कि नोटबंदी की पहल सकारात्मक थी और सुधार के प्रयासों को ध्यान में रखकर की गई थी। हालांकि, इससे अल्पकालिक नुकसान हुआ है। उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र पर बुरा प्रभाव पड़ा है। नकदी की कमी के कारण उपभोक्ताओं ने अपने खर्च में काफी कटौती की।

वित्तीय सेवा कंपनी ने एक बयान में कहा, “इस तिमाही की शुरुआत ज्यादातर कारोबार के लिए सकारात्मक ढंग से हुई थी। लेकिन, 8 नवंबर को की गई नोटबंदी के कारण वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में सभी किस्म के कारोबार पर पानी फिर गया।”

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