नई दिल्‍ली, एजेंसी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संबंधी समिति की पहली बैठक 22 अगस्त को होगी। इस बैठक में भविष्‍य की रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो यह बैठक दिल्‍ली के कृषि विज्ञान परिसर (NASC) में होगी। सूत्रों ने जानकारी दी कि पहली बैठक में सदस्यों का परिचय दिया जाएगा और भविष्‍य की रणनीतियों एवं उप-समितियों के गठन के बारे में विचार-विमर्श होगा।

सूत्रों ने बताया कि सरकार संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) को एमएसपी समिति की कार्यवाही में शामिल होने के लिए मना रही है। अब यह देखना दिलचस्‍प होगा कि मोर्चा अपना मन बदलता है या नहीं और अपने 3 प्रतिनिधियों का चयन इस बैठक के लिए करता है या नहीं। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने ही 3 कृषि कानूनों पर किसानों के विरोध प्रदर्शन और सरकार द्वारा उन्‍हें वापस लिए जाने के बाद इस समिति के गठन की आवश्‍यकता जताई थी। बाद में एसकेएम ने इस समिति को खारिज कर दिया और अपने प्रतिनिधियों को मनोनीत न करने का निर्णय लिया।

पिछले साल नवंबर में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि किसानों के एमएसपी से जुड़े मसलों के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने के 8 महीने बाद जुलाई में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की 'अधिक असरदार एवं पारदर्शी' व्यवस्था के निर्माण के लिए एक समिति का गठन किया था।

पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल MSP Committee के प्रमुख हैं, जिसका गठन 18 जुलाई को शून्‍य बजट आधारित कृषि को प्रोत्‍साहित करने के लिए किया गया था। इस 26 सदस्यीय समिति में किसान संगठनों के प्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि अर्थशास्त्री के अलावा केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारी भी शामिल हैं।

समिति में शामिल किसान प्रतिनिधियों की बात करें तो इसमें राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार विजेता किसान भारत भूषण त्‍यागी और अन्‍य किसान संगठनों के किसान- गुणवंत पाटिल, कृष्‍णवीर चौधरी, प्रमोद कुमार चौधरी, गुणी प्रकाशा और सैयल पाशा पटेल शामिल हैं। IFFCO के चेयर मैन दिलीप सांघानी और CNRI के महासिचव बिनोद आनंद भी इस समिति के हिस्‍सा हैं।

Edited By: Manish Mishra