नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकार बुधवार को वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच के समक्ष सॉ‍वरिन रेटिंग अपग्रेड के लिए अपना पक्ष रखेगी। सूत्रों ने मुताबिक फिच के प्रतिनिधियों की मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन और आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग व वित्त मंत्रालय के अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ये अधिकारी फिच को भारत की वित्तीय साख की रेटिंग को अपग्रेड करने के लिए भी प्रेरित करेंगे।

इस बैठक में फिच के प्रतिनिधियों को टैक्सेशन और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए किए गए सुधारों व सरकारी कर्ज को धीरे-धीरे कम करने के प्रयासों के संबंध में बी जानकारी दी जाएगी।

जानकारी के लिए बता दें कि फिच ने बीते वर्ष भारत की रेटिंग को स्थिर परिदृश्य के साथ बीबीबी- पर कायम रखा था। आखिरी बार 1 अगस्त, 2006 को भारत की रेटिंग को बीबी+ से सुधार कर स्थिर परिदृश्य के साथ बीबीबी- किया गया था। वर्ष 2012 में परिदृश्य को नकारात्मक कर दिया गया था। इसके बाद इसे फिर से स्थिर किया गया था। इससे पहले मूडीज की ओर से करीब 14 वर्ष बाद भारत की रेटिंग को अपग्रेड किया गया, वहीं एसएंडपी ने इसे कायम रखा है।

आम बजट 2018-19 के बाद फिच ने कहा था कि सरकार का उच्चे कर्ज का बोझ भारत की रेटिंग को अपग्रेड करने में बाधा डाल रहा है। भारत की डेट और जीडीपी का अनुपात करीब 69 फीसद के स्तर पर है।

Posted By: Surbhi Jain

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