नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) के जरिये लोन रिकवरी के लिए आवेदन करने की राशि बढ़ाकर दोगुनी की गई है। इससे डीआरटी बड़े मामलों पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे। सरकार ने रिकवरी ऑफ डेट्स ड्यू टू बैंक्स एंड फाइनेंशियल इंस्टीट्यूटशंस एक्ट 1993 के नियमों में पिछले सप्ताह बदलाव करके यह सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी थी।

वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा कि आवेदन की न्यूनतम सीमा दोगुनी करने से डीआरटी में केसों की संख्या कम होगी। इससे वे बड़े मामलों में कर्ज वसूली के लिए ज्यादा फोकस कर सकेंगे। लोन रिकवरी के नियम ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लक्ष्य के तहत मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। मंत्रालय का प्रयास कर्जदारों से ज्यादा से ज्यादा लोन की वसूली करने का है।

पिछले जून 18 तक देश में काम कर रहे डीआरटी में 10 लाख से लाख रुपये तक बकाया कर्ज वाली 38,376 मामले बकाया थे। कुल मामलों में इनकी संख्या 38 फीसद थी। लेकिन इनमें बकाया राशि सिर्फ चार फीसद थी। कुमार के अनुसार ताजा आंकड़ों से संकेत मिलते हैं कि इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है। लाख रुपये तक बकाया कर्ज वाले मामलों का अनुपात 41 फीसद होगा। आंकड़ों से पता चलता है कि 10 लाख से 20 लाख रुपये के बीच के 80-85 फीसद कर्ज पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। कर्जदाता इन कर्जो को वसूली के लिए सरफेसी कानून के तहत कार्रवाई कर सकते हैं।

इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने राज्यों को उस व्यवस्था की निगरानी करने को बात की है। व्यवस्था के तहत अगर कर्जदार कर्ज नहीं लौटाता है तो बैंक गिरवी रखी संपत्ति को कब्जे में ले सकते हैं।

Posted By: Surbhi Jain