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वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों का कर प्रोत्साहन देने का सुझाव, बजट से पहले हुई दूसरी परामर्श बैठक

वित्त मंत्रालय ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि यह बजट पेश होने से पहले दूसरी परामर्श बैठक थी। इसमें आगामी आम बजट 2024-25 के संबंध में वित्तीय और पूंजी बाजार क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। रमन अग्रवाल ने कहा कि हमने सुझाव दिया है कि चूंकि एनबीएफसी ऋण में वृद्धि हुई इसलिए एनबीएफसी के पुनर्वित्त के लिए सिडबी और नाबार्ड से धन का आवंटन बढ़ाया जाए।

By Agency Edited By: Ram Mohan Mishra Thu, 20 Jun 2024 09:04 PM (IST)
वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों का कर प्रोत्साहन देने का सुझाव दिया गया है।

पीटीआई, नई दिल्ली। वित्तीय और पूंजी बाजार के विशेषज्ञों ने गुरुवार को बाजार को व्यापक बनाने के लिए आगामी 2024-25 के पूर्ण बजट में कर प्रोत्साहन देने की वकालत की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट पूर्व बैठक में क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने सरकार से कर कानून और दरों में विसंगतियों को दूर करने का भी आग्रह किया।

बजट से पहले दूसरी परामर्श बैठक  

वित्त मंत्रालय ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि यह बजट पेश होने से पहले दूसरी परामर्श बैठक थी। इसमें आगामी आम बजट 2024-25 के संबंध में वित्तीय और पूंजी बाजार क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट अगले महीने संसद में पेश किये जाने की उम्मीद है।

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वित्त मंत्री के साथ दो घंटे की बैठक के बाद मार्गन स्टेनली इंडिया के एमडी और क्षेत्रीय प्रमुख (कंट्री हेड) अरुण कोहली ने कहा कि कर नीतियों को स्थिर और दीर्घकालिक बनाए जाने की जरूरत है। मुथूट ग्रुप के प्रबंध निदेशक जार्ज अलेक्जेंडर मुथूट के अनुसार कुछ कंपनियों ने बाजार को व्यापक बनाने और कुछ कर प्रोत्साहन दिए जाने की वकालत की।

जीएसटी को लेकर स्पष्टता की मांग 

एफआइडीसी के निदेशक रमन अग्रवाल ने कहा कि हमने सुझाव दिया है कि चूंकि एनबीएफसी ऋण में वृद्धि हुई इसलिए एनबीएफसी के पुनर्वित्त के लिए सिडबी और नाबार्ड से धन का आवंटन बढ़ाया जाए। उन्होंने आगे कहा कि एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) ने सामूहिक रूप से दिए जाने वाले कर्ज और सेवा शुल्क पर जीएसटी को लेकर स्पष्टता की मांग की है।

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