नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। यह साल अब खत्म होने वाला है। आप में से कई लोगों ने अगले साल की Financial Planning शुरू कर दी होगी। अपनी आर्थिक सेहत को मजबूती देने के लिए आप कई तरह के कदम उठाने के बारे में सोच सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है 15 दिन में खत्म हो रहे इस साल में उठाये गए कदमों, वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना। इससे आपको यह समझ में आएगा कि आपने पिछले साल के लक्ष्य को कितना हासिल किया है। साथ ही आप पर कितने रुपये की देनदारी है। इस बात को समझना भी बेहद जरूरी है। आप इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अगले साल की वित्तीय प्लानिंग कर सकते है:

1. कर्ज या देनदारी का आकलनः कर्ज ऐसी चीज है, जिसे बहुत जरूरत पड़ने पर और सोच-समझकर ही लेना चाहिए। अगर आपके ऊपर कर्ज का बोझ बहुत अधिक है तो यह आपकी वित्तीय सेहत के हिसाब से कत्तई अच्छी चीज नहीं है। आपको यह समझना होगा कि आपको कर्ज लेने की जरूरत क्यों पड़ी। ऐसे में आप नए वर्ष में उन चीजों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। आपको अपने लोन और क्रेडिट कार्ड पर देनदारी की स्थिति को समझना होगा। आपको इस बात का आकलन करना होगा कि आप समय पर लोन और क्रेडिट कार्ड का भुगतान कर पाए या नहीं। अगर आपने किसी दोस्त या रिश्तेदार से कोई कर्ज लिया है तो यह चेक करना जरूरी है कि आपने उसे चुका दिया है या नहीं। 

2. बजट की समीक्षा: हर किसी को एक रफ मासिक, सालाना बजट बनाना चाहिए। इससे आपको यह समझने में मदद मिलती है कि किस जगह पर आप अनावश्यक खर्च कर रहे हैं और कहां पर कुछ पैसे बचाने की गुंजाइश है। इससे आपको अपने खर्च, प्रथामिकताओं को समझने में मदद मिलेगी। आप यह समझ पाएंगे कि किस मद में कितना खर्च हो रहा है। कौन से खर्च अपरिहार्य हैं। इससे आपको अगले साल का बजट बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही आपका सेविंग प्लान भी बेहतर होगा। आप अधिक-से-अधिक सेविंग कर पाएंगे। 

3.  अपने वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें: साल शुरू होने के साथ हर व्यक्ति किसी-ना-किसी तरह का संकल्प जरूर लेता है या वित्तीय लक्ष्य तय करता है। अगर आप भी अपने वित्तीय लक्ष्य तय कर रहे हैं तो आपको इन बातों का विश्लेषण करने की जरूरत है कि आप पिछले साल के टार्गेट को किस कदर तक पूरा कर पाए हैं। आपके कुछ लक्ष्य लांग टर्म होते हैं, जिसे पूरा करने में कुछ समय लगता है। हालांकि, आपको उनकी प्रगति पर जरूर नजर रखनी चाहिए क्योंकि बिना प्रगति के किसी लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता है। इससे आपको इस बात का अंदाजा भी हो जाता है कि आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं न या आपकी रणनीति में किसी तरह के बदलाव की कोई गुंजाइश है। 

4. इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो और बीमा की समीक्षाः आपको बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए सेविंग के साथ-साथ इंवेस्टमेंट की आदत भी डालनी चाहिए। साल के अंत में अपने निवेश पर जरूर गौर करना चाहिए। इससे आपको यह बात समझ में आती है कि आप जिस फंड में रुपये इंवेस्ट कर रहे हैं, उस पर अच्छा रिटर्न मिलेगा या नहीं। अगर रिटर्न ठीक आ रहा है तो बढ़िया, वरना हम उन्हें नए सिरे से नए प्लान में इंवेस्ट करने की योजना बनाते हैं। हमारे जीवन का कोई तय नहीं। ऐसे में अपनी वित्तीय देनदारियों और परिवार के लिए समुचित बीमा की व्यवस्था जरूरी होती है। इससे आप पर आश्रित लोगों को वित्तीय सुरक्षा मिलती है। साल में एक बार अपने बीमा योजनाओं की स्थिति की समीक्षा जरूरी होती है।

Posted By: Ankit Kumar

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