नई दिल्ली,एजेंसी। उर्वरक कंपनियां फास्फोरिक एसिड को 1,000-1,050 डालर प्रति टन के भाव पर आयात करने की योजना बना रही हैं। सितंबर तिमाही में वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं की तरफ से तय कीमत के मुकाबले यह भाव करीब 40 प्रतिशत कम है। फास्फोरिक एसिड का इस्तेमाल डीएपी और अन्य एनपीके उर्वरकों के उत्पादन में एक अहम कच्चे माल के तौर पर किया जाता है।

फास्फोरिक एसिड के भाव में कमी आने की उम्मीद

सूत्रों के मुताबिक, पिछली तिमाही के अंत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में फास्फोरिक एसिड का भाव 1,715 डालर प्रति टन था। लेकिन सितंबर तिमाही में डीएपी उर्वरकों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तीव्र गिरावट आई जिसके बाद फास्फोरिक एसिड के भाव में भी कमी आने की उम्मीद की जा रही है। फास्फोरिक एसिड की अंतरराष्ट्रीय कीमतों का निर्धारण तिमाही आधार पर होता है। इसके प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में ओसीपी मोरक्को, जेपीएमसी जार्डन और सेनेगल शामिल हैं।

उर्वरक कंपनियां फास्फोरिक एसिड खरीदने की बना रही हैं योजना

सूत्रों ने बताया कि एक उर्वरक कंपनी ने सेनेगल से फास्फोरिक एसिड की एक खेप 1,200 डालर प्रति टन के भाव पर खरीदी है लेकिन यह भाव अब भी ज्यादा है। देश की अग्रणी उर्वरक कंपनियां अगली तिमाही में इसकी खरीद 1,000-1,050 डालर प्रति टन के भाव पर करने की योजना बना रही हैं।

फास्फोरिक एसिड का भाव होना चाहिए कम

उर्वरक मंत्रालय का भी मानना है कि इस तिमाही में फास्फोरिक एसिड का भाव 1,100 डालर प्रति टन से कम होना चाहिए। पिछले हफ्ते मद्रास फर्टिलाइजर्स लिमिटेड ने सालाना 30,000 टन फास्फोरिक एसिड आयात करने के लिए दुबई स्थित एग्रीफील्ड्स के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया। इस फास्फोरिक एसिड की मदद से करीब 1.67 लाख टन एनपीके उर्वरकों का उत्पादन किया जा सकता है। इस एमओयू की अवधि तीन साल की है।

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Edited By: Sonu Gupta

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