नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत का निर्यात जुलाई में 2.14 प्रतिशत बढ़कर 36.27 अरब डॉलर हो गया, जबकि कच्चे तेल के आयात में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के कारण व्यापार घाटा लगभग तीन गुना बढ़कर 30 अरब डॉलर हो गया, जो जुलाई 2021 में 10.63 अरब डॉलर था। वहीं, जुलाई 2021 की तुलना में जुलाई में देश का आयात 43.61 प्रतिशत बढ़कर 66.27 अरब डॉलर हो गया। इस महीने की शुरुआत में जारी किए गए आंकड़ों में जुलाई के लिए निर्यात में 0.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो 35.24 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमी को दर्शाता है।

चार महीनों के दौरान आयात और निर्यात

आपको बता दें कि अप्रैल से जुलाई 2022-23 के दौरान निर्यात 20.13 प्रतिशत बढ़कर 157.44 अरब डॉलर हो गया है। चार महीनों के दौरान आयात 48.12 प्रतिशत बढ़कर 256.43 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, अप्रैल-जुलाई 2021-22 के दौरान व्यापार घाटा 42 बिलियन डॉलर के मुकाबले 98.99 बिलियन डॉलर रहा। इस साल जुलाई के दौरान कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का आयात 21.13 अरब डॉलर रहा, जो जुलाई 2021 में 12.4 अरब डॉलर की तुलना में 70.4 प्रतिशत अधिक है।

इन वस्तुओं का बढ़ा आयात

इस साल जुलाई में कोयले, कोक और ब्रिकेट (Briquettes) का आयात दो गुने से अधिक बढ़कर 5.2 अरब डॉलर हो गया, जबकि वनस्पति तेल का आयात 47.18 फीसद बढ़कर 2 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, सोने की इनबाउंड शिपमेंट जुलाई 2021 में 4.2 बिलियन की तुलना में 43.6 प्रतिशत घटकर 2.37 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया।

किस सेक्टर में बढ़ा निर्यात?

जुलाई 2022 में निर्यात के मोर्चे पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज करने वाले सेक्टर में पेट्रोलियम उत्पाद, चमड़ा, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कॉफी एक्सपोर्ट शामिल है। वहीं, इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, मेटल और आभूषण, प्लास्टिक, काजू और कालीन सेक्टर में गिरावट देखी गई।

आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2022 के लिए गुड्स के निर्यात का अनुमानित मूल्य 24.91 अरब अमेरिकी डॉलर है, जो सालाना आधार पर 28.69 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्शाता है। आयात का अनुमान 15.95 अरब अमेरिकी डॉलर है, जो 40.02 प्रतिशत की वृद्धि है।

Edited By: Sarveshwar Pathak