1 अक्टूबर से इस राज्य के 25 जिलों में लागू होगा ESIC, फ्री में होगा इलाज; इन्हें मिलेगा लाभ
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से मध्य प्रदेश के 24 जिलों और निवाड़ी में ...और पढ़ें

अक्टूबर 2026 से मध्य प्रदेश के 25 जिलों में ESIC लागू।
HighLights
अक्टूबर 2026 से मध्य प्रदेश के 25 जिलों में ESIC लागू।
कर्मचारियों और नियोक्ताओं को ESIC में योगदान देना होगा।
पात्र कर्मचारियों को चिकित्सा और नकद लाभ मिलेंगे।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी बड़ी खबर है। 1 अक्टूबर 2026 से, मध्य प्रदेश के 24 जिलों और निवाड़ी के कुछ खास इलाकों में 'एम्प्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन' (ESIC) के तहत योगदान (कंट्रीब्यूशन) के नियम लागू हो जाएंगे। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इस संबंध में 22 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की है।
इस फैसले के बाद अधिसूचना के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों के नियोक्ता और कर्मचारियों को ESIC में योगदान देना होगा। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत मिलने वाले लाभ भी उपलब्ध होंगे।
अधिसूचना के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 से संबंधित प्रतिष्ठानों में नियोक्ता और कर्मचारियों का ESIC योगदान देय होगा। यह प्रावधान सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की पहली अनुसूची के तीसरे प्रावधान के तहत लागू किया गया है। इसके साथ ही पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा संहिता के अध्याय IV के तहत ESIC से जुड़े लाभ मिल सकेंगे।
किन जिलों में लागू होंगे प्रावधान?
सरकार ने 24 ऐसे जिलों को अधिसूचना में शामिल किया है, जहां ESIC व्यवस्था आंशिक रूप से लागू थी। इनमें शामिल हैं- आगर मालवा, अलीराजपुर, अनुपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बड़वानी, बैतूल, छतरपुर, दमोह, दतिया, हरदा, झाबुआ, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, राजगढ़, सिवनी, श्योपुर, शिवपुरी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया, विदिशा और डिंडोरी।
इसके अलावा निवाड़ी, जो अब तक गैर-कार्यान्वित जिले की श्रेणी में था, उसे भी इस अधिसूचना में शामिल किया गया है।
क्या है ESIC?
ESIC भारत के कामगारों के लिए एक बहुआयामी सामाजिक सुरक्षा योजना है। यह कामगार और उनके परिवार को चिकित्सा सुविधा और कुछ खास परिस्थितियों में नकद लाभ प्रदान करती है।
ESIC योगदान वे मासिक फंड हैं जो खुद से चलने वाली, सरकार द्वारा संचालित सोशल सिक्योरिटी और हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम में जमा किए जाते हैं। श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत चलने वाली यह स्कीम ऑर्गनाइज़्ड सेक्टर में कम और मध्यम आय वाले कर्मचारियों को औपचारिक हेल्थकेयर, मेडिकल कवर और आर्थिक सुरक्षा देती है।
यह फंड एम्प्लॉयर और कर्मचारी दोनों के संयुक्त मासिक योगदान से बनता है, जिसकी गणना कर्मचारी की कुल मासिक सैलरी के एक निश्चित प्रतिशत के आधार पर की जाती है।
