नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कोरोनावायरस संक्रमण के गहराने से उपजी मंदी की आशंकाओं के बीच इक्विटी लिंक्ड म्यूचुअल फंड निवेशकों को भी गहरा झटका लगा है। Sensex और Nifty पर अधिकतर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट की वजह से ऐसे म्यूचुअल फंड पर 25 फीसद का निगेटिव रिटर्न मिला है। iFAST Financial India के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट कृष्ण कारवा बताते हैं कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की 44 कंपनियां भी COVID-19 की वजह से आई गिरावट से अछूती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्मॉल और मिड कैप इक्विटी स्कीम्स पर भी मध्यम अवधि तक दबाव बना रहेगा।  

Morningstar India की ओर से संकलित आंकड़ों के मुताबिक 19 फरवरी, 2020 से 18 मार्च, 2020 के बीच सभी श्रेणी की इक्विटी स्कीम- इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS), मिड-कैप, लार्ज एंड मिड कैप, लार्ज कैप, स्मॉल-कैप, मिड-कैप और मल्टी-कैप- ने 25-26 फीसद का निगेटिव रिटर्न दिया है।  

इस आंकड़े के मुताबिक लार्ज एंड मिड कैप फंड्स ने 26.63%, लार्ज-कैप ने 26.58%, ELSS ने (26.47%), मल्टी-कैप (26.45%), स्मॉल कैप ने (26.32%) और मिड-कैप ने 24.84% का निगेटिव रिटर्न दिया। 

उल्लेखनीय है कि सभी फंड्स में शेयर बाजारों में औसतन कमी से कम ही गिरावट दर्ज की गई है। कोरोनावायरस से जुड़े खतरों, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और यस बैंक संकट के बीच Sensex में इस अवधि में 30 फीसद की गिरावट दर्ज की गई और यह 41,000 अंक के स्तर से लुढ़ककर 29,000 अंक के स्तर पर आ गया है। 

Morningstar India Director के मैनेजर (रिसर्च) कौस्तुभ बेलापुरकर ने कहा, ''हम लोग बाजार में पहले भी कई मौकों पर गिरावट देख चुके हैं। कोरोनावायरस के प्रसार की वजह से जारी अनिश्चितता की वजह से निराशावाद और कुछ दिनों तक बना रह सकता है। हालांकि, हमने पूर्व में भी देखा है कि लंबी अवधि में बाजार रिकवर होगा।''

Posted By: Ankit Kumar

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