मुंबई, पीटीआइ। एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य पुरी ने कहा है कि अर्थव्यवस्था मौजूदा परेशानी से जल्द ही उबर जाएगी और अगले वर्ष की शुरुआत से गति पकड़ लेगी। उनका कहना है कि वित्तीय क्षेत्र व बैंकों का संकट भी खत्म हो रहा है। हालांकि रियल एस्टेट सेक्टर में जिनका पैसा लगा है, उन्हें कुछ मुश्किलों का अभी सामना करना पड़ सकता है। एक साक्षात्कार में पुरी ने कहा, ‘मैं अर्थव्यवस्था में अचानक किसी बूम की बात नहीं कह रहा हूं। लेकिन फिलहाल हम जहां हैं उससे आगे बढ़ने जा रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि अभी तक हम काफी संकट में थे, लेकिन इसमें सुधार का माहौल बन चुका है। सरकार द्वारा खर्च में बढ़ोतरी, बुनियादी ढांचे में निवेश और वित्त मंत्री द्वारा इकोनॉमी में फंड का प्रवाह बढ़ाने के अलावा अच्छे मानसून की वजह से ग्रोथ रेट पटरी पर आने की पूरी संभावना है। पुरी ने कहा कि देश के बड़े आकार के चलते परिवर्तन होने में थोड़ा समय लगता है, इसलिए ग्रोथ के प्रयासों का असर जनवरी से दिखाई देना शुरू होगा। बैंकों में कर्ज की मांग बढ़ रही है। यह भी अर्थव्यवस्था के गति पकड़ने का ही संकेत है।

राजकोषीय चिंताओं पर बात करते हुए आदित्य पुरी ने कहा कि इस तरह की बातें वाजिब हैं। आने वाले दिनों में राजस्व घाटा बढ़ सकता है। लेकिन विनिवेश प्रक्रिया, जीएसटी के ठीक-ठाक संग्रह और आयकर की मदद से इसमें सुधार किया जा सकता है। इसमें थोड़ी-बहुत चूक को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है। एनबीएफसी संकट पर पुरी ने कहा कि यह संकट अब खत्म हो चुका है। लेकिन इससे तुरंत बाहर निकलने का कोई उपाय नहीं है। सबकुछ सही होने में थोड़ा समय लग सकता है। फिलहाल कोई ऐसी बड़ी एनबीएफसी नहीं है जो संकट में हो। उन्होंने कहा कि आरबीआइ ने इकोनॉमी को संकट से निकालने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके अलावा सरकारी बैंकों ने भी कर्ज देना शुरू कर दिया है। हमें भविष्य में इस सेक्टर पर नजर बनाए रखना चाहिए।

जेएसडब्ल्यू स्टील को अच्छे दिनों का भरोसा

जेएसडब्ल्यू स्टील ने भी सरकार द्वारा किए गए सुधारों की तारीफ करते हुए इकोनॉमी के गति पकड़ने की संभावना जताई है। कंपनी ने कहा है कि बजट के बाद सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और त्योहारी सीजन ने नई उम्मीदें जगा दी हैं। पिछले कुछ समय से रियल एस्टेट, ऑटो और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टरों में सुस्ती के चलते स्टील सेक्टर संकट से गुजर रहा था। लंबे मानसून के कारण भी स्टील उद्योग प्रभावित हुआ है। हालांकि कंपनी का मानना है कि सिस्टम में क्रेडिट-फ्लो होने में वक्त लगेगा, जिससे सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का परिणाम आने में थोड़ा समय लग सकता है।

Posted By: Pawan Jayaswal

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