सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Market Analysis: RBI की ब्याज दरें, मैक्रो डाटा और तिमाही आय तय करेगी शेयर बाजार की दिशा

By Sarveshwar PathakEdited By:
Published: Sun, 31 Jul 2022 03:07 PM (IST)

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। गुजरा सप्ताह इंडियन मार्केट के लिए शानदार रहा। 9 महीने की भारी ...और पढ़ें

Earnings, macro data, RBI interest rate decision to drive markets this week: Analysts
Earnings, macro data, RBI interest rate decision to drive markets this week: Analysts

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वृहद आर्थिक आंकड़ों की घोषणा (macroeconomic data), तिमाही आय, रिजर्व बैंक की ब्याज दर का फैसला और विदेशी फंड्स का आउटफ्लो आने वाले कारोबारी सप्ताह की दिशा तय करेंगे। इन बड़े कारकों से शेयर बाजार की कारोबारी गतिविधियों प्रभावित हो सकती हैं। व्यापार को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों में वैश्विक बाजार के रुझान, रुपये की गति और कच्चे तेल के दाम सामने आ सकते हैं। आ

ब्रोकिंग लिमिटेड रिसर्च के हेड रिसर्चर ने कहा कि इस सप्ताह महत्वपूर्ण डाटा जैसे ऑटो बिक्री और संकेतों के लिए पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) नंबर पर नजर रखनी होगी। हालिया फेड नीति के बाद एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) की बैठक के रिजल परिणाम निर्धारित है।

मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टरों के लिए पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) के आंकड़े इस सप्ताह की पहली छमाही में आने वाले हैं। आईटीसी, एमएंडएम, डाबर, टाइटन और इंटरग्लोब एविएशन जैसे बड़ी कंपनियों की इनकम रिपोर्ट के साथ तिमाही रिजल्ट घोषित किए जाएंगे, जो बाजार पर असर डाल सकते हैं।

सैमको सिक्योरिटीज के मार्केट पर्सपेक्टिव्स के प्रमुख अपूर्व शेठ ने कहा कि आरबीआई की ब्याज दर का फैसला बाजार के लिए मुख्य समाचार होगा। शेठ ने कहा कि यह देखने वाली बात होगी कि एमपीसी अपने पश्चिमी देशों की तरह अधिक आक्रामक रुख अपनाती है या अपने रास्ते पर चलती है। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों की व्यापारिक गतिविधि, जो इक्विटी बाजारों के प्रमुख चालक हैं, उन पर भी आगे के संकेतों के लिए नजर रखी जाएगी।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के रिसर्च हेड संतोष मीणा ने कहा कि आरबीआई नीति का परिणाम सबसे महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, मासिक ऑटो बिक्री संख्या और Q1 आय का अगला बैच बाजार को चलाने के लिए अन्य महत्वपूर्ण घरेलू कारक होंगे। मीणा ने कहा कि वैश्विक बाजारों की दिशा, कच्चे तेल के दाम और डॉलर इंडेक्स भी तय करेंगे।

पिछले सप्ताह के दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई बेंचमार्क 1,498.02 अंक या 2.67 प्रतिशत उछल गया। इस पर विश्लेषकों ने कहा कि सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच पिछले सप्ताह के दौरान घरेलू बाजारों में बुल्स का दबदबा बना रहा। कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और हेड इक्विटी हेमंत कानावाला ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर, मानसून की प्रगति के साथ ग्रोथ ड्राइवर बरकरार हैं, जिससे अतिरिक्त आराम मिलता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मानसून की अच्छी प्रगति और बुवाई में अच्छी तेजी से महंगाई में और कमी आएगी।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू निवेशक अब इस सप्ताह आरबीआई की एमपीसी बैठक के लिए तैयार हैं।