20 मिनट में कमा लिए 840 करोड़ रुपये, ट्रंप के 'झूठ' से कौन हो गया मालामाल; मिनटों में कर दिया गेम
ट्रंप के ईरान पर हमले रोकने और युद्धविराम की बात कहने से ठीक पहले, एक अज्ञात निवेशक ने S&P 500 ...और पढ़ें

20 मिनट में कमा लिए 840 करोड़ रुपये, ट्रंप के 'झूठ' से कौन हो गया मालामाल; मिनटों में कर दिया गेम
HighLights
ट्रंप के पोस्ट से पहले निवेशक ने 840 करोड़ कमाए।
ईरान ने ट्रंप के युद्धविराम के दावे को झूठा बताया।
असामान्य ट्रेडिंग से इनसाइडर ट्रेडिंग का संदेह गहराया।
नई दिल्ली। ट्रंप ने सोमवार को एक अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया और ईरान पर 5 दिन तक हमला न करने की बात कही। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि उनकी ईरान से युद्ध विराम के मुद्दे पर भी बात हुई है। ट्रंप के इस पोस्ट से 15 मिनट पर पहले शेयर बाजार में किसी निवेशक ने S&P 500 फ्यूचर्स खरीदे और ऑयल फ्यूचर्स बेचे। 15 मिनट बाद जब ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान युद्ध को लेकर अपडेट दिया तो इस निवेशक की किस्मत चमक गई। निवेशक ने 15 मिनट में 840 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा लिया।
वहीं, ट्रंप के बयान के बाद ईरान की ओर से कहा गया कि ट्रंप से उनकी किसी भी प्रकार की युद्ध विराम को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। यानी ईरान ने साफ कहा कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं। झूठ और सच के इस खेल में मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के खत्म होने की उम्मीद भले ही न हो, लेकिन इस झूठ और सच के खेल के किसी निवेशकों को मालामाल जरूर कर दिया।
क्या हुई है इनसाइडर ट्रेडिंग?
ट्रंप ने ईरान पर हमले रोकने की घोषणा से ठीक 15 मिनट पहले, एक रहस्यमयी सट्टेबाज ने S&P 500 फ्यूचर्स खरीदे और ऑयल फ्यूचर्स बेचे। मात्र 20 मिनट में तेल की कीमतों में भारी गिरावट से उसने करीब 840 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इस असामान्य ट्रेडिंग ने इंसाइडर ट्रेडिंग के संदेह को बढ़ा दिया है।
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Unusual Whales के अनुसार, जिसने भी ये सौदे किए, उसने दो दांव लगाए। पहला, लगभग 12,600 करोड़ रुपये के S&P 500 फ्यूचर्स खरीदे। इसमें दांव था कि अगर तनाव कम होता है, तो बाजार में तेजी आएगी।
निवेशक ने दूसरा दांव में लगभग 1,615 करोड़ रुपये, या 192 मिलियन डॉलर के तेल फ्यूचर्स बेचे। इसमें उनका अनुमान था कि अगर आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं दूर होती हैं, तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आएगी।
'द फाइनेंशियल टाइम्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को न्यूयॉर्क समय के मुताबिक सुबह 6:49 बजे से 6:50 बजे के बीच, ब्रेंट और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड से जुड़े लगभग 6,200 फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स का ट्रेड हुआ। यह हलचल ट्रंप के 'ट्रुथ सोशल' पर दिए गए उस संदेश से ठीक पहले हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि हाल के दिनों में तेहरान के साथ "सार्थक बातचीत" हुई है, जिसका मकसद इस संघर्ष को खत्म करना है। इन ट्रेड्स की कुल अनुमानित कीमत $580 मिलियन थी! इसी दौरान, ब्रेंट और WTI में ट्रेडिंग वॉल्यूम में ज़बरदस्त उछाल आया, और सुबह 6:50 बजे से ठीक कुछ सेकंड पहले इसमें एक तेज बढ़त दर्ज की गई।
एक व्यक्ति या फिर किसी संस्था ने किया खेल?
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अभी भी साफ नहीं है कि सोमवार को हुए ट्रेड के लिए कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार था या कई संस्थाएं। सुबह 7:04 बजे ट्रंप की घोषणा के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स और यूरोपीय शेयर बाजार ऊपर चढ़ गए। क्योंकि निवेशकों ने मध्य-पूर्व में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष की आशंका कम कर दी।
ईरान ने कहा- ट्रंप से नहीं हुई बातचीत
ईरान की संसद के स्पीकर, मोहम्मद बाघर गालिबफ ने एक X पोस्ट में इस बात से इनकार किया कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कोई बातचीत हुई है। इस बात से वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट आई और ऊर्जा बाजारों में नई खरीदारी शुरू हो गई। उन्होंने आगे कहा- "फ़ेक न्यूज का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से बाहर निकलने के लिए किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हुए हैं।"
2/ No negotiations have been held with the US, and fakenews is used to manipulate the financial and oil markets and escape the quagmire in which the US and Israel are trapped.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) March 23, 2026
एक्सपर्ट बोले यह पूरी तरह से असमान्य
एक बड़े हेज फंड के एक ट्रेडर ने कहा कि एनर्जी कंसल्टेंट्स ने हाल ही में कई बड़े ब्लॉक ट्रेड देखे हैं, जिनका समय कुछ अजीब सा लग रहा था। एक अन्य पोर्टफोलियो मैनेजर ने बताया कि बड़े और सही समय पर किए गए ट्रांजैक्शन के एक पैटर्न की वजह से निवेशकों में "निराशा का माहौल" बन गया है।
उन्होंने आगे कहा, "पिछले 25 सालों से बाजारों को देखते हुए मेरा अंदाजा है कि यह सचमुच असामान्य है। आज सोमवार की सुबह है, आज कोई जरूरी डेटा नहीं है, और न ही फेड का कोई ऐसा स्पीकर है जिसके बयान का आप पहले से फायदा उठाना चाहें।"
