नई दिल्ली (पीटीआई)। अप्रैल 2017 से फरवरी 2018 तक 11 महीनों के दौरान में देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह में 19.5 फीसद का उछाल आया है। इस उछाल के साथ ही कुल टैक्स कलेक्शन 7.44 लाख करोड़ रुपए का रहा है। टैक्स कलेक्शन में यह तेजी कॉर्पोरेट टैक्स में अच्छे खासे उछाल के कारण आई है।

नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन वित्त वर्ष 2017-18 के लिए निर्धारित 10.05 लाख करोड़ रुपए के संशोधित लक्ष्य के मुकाबले 74.3 फीसद रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपना चौथा पूर्ण कालिक बजट 1 फरवरी 2018 को पेश किया था।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “फरवरी 2018 तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के प्रोविजनल फिगर बताते हैं कि नेट कलेक्शन 7.44 लाख करोड़ रुपए रहा है, जो कि बीते वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 19.5 फीसद ज्यादा है।”

इस दौरान (चालू वित्त वर्ष के 11 महीनों में) ग्रास डायरेक्ट टैक्स (रिफंड एडजस्टर किए बिना) कलेक्शन 14.5 फीसद बढ़कर 8.83 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान, सरकार ने 1.39 लाख करोड़ रुपए का टैक्स रिफंड किया। वहीं नेट कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ रेट 19.7 फीसद पर रही जबकि पर्सनल इनकम टैक्स की दर 18.6 फीसद रही।

Posted By: Praveen Dwivedi

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