नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जुलाई के बीच प्रत्यक्ष कर संग्रह में 6.6 फीसद का इजाफा हुआ है, जबकि कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में महज 0.57 फीसद की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि की तुलना पहले 3 महीने के दौरान तीन साल से हो रही वृद्धि की तरह ही की जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से बजट 2018-19 में 14.4 फीसद बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है।

सीजीए की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक कॉर्पोरेशन कर से खासकर निराशा हाथ लगी है। इसके संग्रह में महज 0.57 का इजाफा हुआ है, जो कम से कम पिछले 7 साल की तुलना में पहले 4 महीने में हुए कर संग्रह से कम वृद्धि है।

वित्त वर्ष 2019 के दौरान कॉर्पोरेशन कर में 10.15 फीसद बढ़ोतरी का अनुमान है, जिससे 6210 करोड़ रुपये आएंगे, अगर इसके पहले वित्त वर्ष की बात करें तो में इस मद में 5,637.45 अरब रुपये आए थे। वहीं व्यक्तिगत आयकर संग्रह में अप्रैल जुलाई अवधि के दौरान 11.3 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जानकारी के मुताबिक, व्यक्तिगत आयकर वित्त वर्ष 2019 के दौरान 19.2 फीसद बढ़कर 5,290 अरब रुपये होने का अनुमान है, जो पिछले एक साल की तुलना में 4,412.55 अरब रुपये था।

आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने चालू वित्त वर्ष के पहले 4 महीनों में 750 अरब रुपये रिफंड किया है, जबकि वित्त वर्ष 2018 में इसका आधा रिफंड किया गया था।

हाल ही में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि 2018-19 की पहली तिमाही में व्यक्तिगत आयकर दाताओं से अग्रिम कर संग्रह 44.1 फीसद और कॉर्पोरेट कर श्रेणी में 17.4 फीसद का इजाफा हुआ है। आयकर विभाग ने बताया है कि 31 अगस्त तक रिटर्न फाइल 70.86 फीसद बढ़कर 542 लाख हो गया है, जो एक साल पहले 317 लाख था।

Posted By: Nitesh