नई दिल्ली। बुधवार को नई दिल्ली में इनमा डिजिटल इनोवेटिव समिट का आयोजन हुआ। नई दिल्ली के कनाट प्लेस स्थित शांघरीला होटल के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुरू हुए समिट के दौरान भारत में स्मार्टफोन, टैबलेट्स और कंप्यूटर के जरिए डिजिटल इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और इसके जरिए लोगों तक पहुंचने वाली खबरों, विज्ञापनों को लेकर चर्चा हुई।

इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए इनमा व‌र्ल्डवाइड के प्रेसिडेंट रवि धारीवाल ने मीडिया कंपनियों के डिजिटल होने की जरूरत और इससे जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। समिट में दैनिक जागरण के सीईओ और इनमा साउथ एशिया के प्रेसिडेंट संजय गुप्त ने कहा कि सभी मीडिया कंपनियों के लिए डिजिटल एक अहम हिस्सा है। समिट में इनमा के सीईओ अर्ल जे विलकिंसन ने कहा कि भारत का प्रिंट मीडिया पश्चिमी मुल्कों के मुकाबले बेहतर है। भारत के अखबारों में वहीं खबरें दी जाती हैं, जिसे पाठक एक बार में आसानी से पढ़ सके। उन्होंने प्रिंट मीडिया की विज्ञापन से होने वाली आमदनी पर निर्भरता और यहां के पाठकों को मुफ्त में मिलने वाली खबरों पर चिंता जाहिर की। विलिकिंसन ने कहा कि आज की तारीख में 80 फीसदी नए पाठक डिजिटल जरिया चुन रहे हैं।

समिट में दैनिक जागरण के डायरेक्टर भरत गुप्त ने फेसबुक पर जागरण की बेहतरीन ग्रोथ के बारे में बताया। उन्होंने फेसबुक के जरिए पाठकों को अपने साथ जोड़ने की टिप्स दीं। उन्होंने फेसबुक पर जागरण से जुड़ी कम्युनिटी के बारे में भी चर्चा की। फेसबुक पर जागरण के पेज को सवा चार लाख से भी ज्यादा लोगों ने लाइक किया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर (रीडर एप्लीकेशन) यास्मिन नमिणी ने डिजिटल कंटेंट से पैसा कमाने को लेकर कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स के पाठकों को फ्री में डिजिटल एक्सेस देने से अखबार के पाठकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, ऑनलाइन और डिजिटल कंटेंट को पेड कर दिया गया है और यह भी कारगर साबित हो रहा है। अखबार के पाठक और हमारी वेबसाइट पर आने वाले विजिटर्स दोनों ही हमारे लिए जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि 2011 की दूसरी तिमाही में न्यूयॉर्क टाइम्स के डिजिटल सब्सक्राइबर्स की संख्या 2,81,000 थी जो 2012 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 5,66,000 हो गई है।

लंदन के टेलीग्राफ मीडिया ग्रुप में मोबाइल प्लेटफॉ‌र्म्स के डायरेक्टर मार्क चेलिनर ने कहा, 'हमने पाया है कि टेलीग्राफ के पाठकों को आईपैड की वो एप्लीकेशन वेबसाइट से बेहतर लग रही हैं, जिनका सीधा जुड़ाव न्यूज पेपर से है। स्मार्टफोन की कीमतें घट रही हैं और यूजर्स को मोबाइल पर ही अखबार की खबरें मिल रही हैं।' उन्होंने कहा कि इस समय दुनियाभर में पैदा होने वाले बच्चों से ज्यादा आईफोन की बिक्री हो रही है। वहीं, धरती पर मौजूद लोगों से ज्यादा रोजाना एसएमएस भेजे जा रहे हैं। ऐसे में हमें भविष्य के पाठकों और उनकी पसंद को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल सभी न्यूज पेपर कंपनियों के लिए नया सेगमेंट है, ऐसे में प्रयोग करने से नहीं डरना चाहिए।

आनंद बाजार पत्रिका के वसंत गोखले ने बताया कि कैसे उन्होंने मोबाइल के जरिए विदेश में रहने वाले पाठकों तक पहुंच बनाई। वहीं, वह पेड एप्लीकेशंस के जरिए इन पाठकों को एक्सक्लूसिव कंटेंट ऑफर कर रहे हैं। यूरोप के एक अखबार के एडिटर ग्रेजॉर्ज पीचोटा ने इंटरनेट और मोबाइल के जरिए पाठकों को साथ जोड़ने के बारे में चर्चा की।

इस समिट में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं समेत 15 कंपनियों के 80 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। इस समिट में इस विषय पर भी चर्चा हुई कि भारत के प्रिंट पब्लिशर्स के लिए इस समय मौके कहां हैं? भारतीय पब्लिशर्स को आने वाले दिनों के लिए किस तरह की रणनीति पर काम करना होगा। इस समिट में डिजिटल बिजनेस मॉडल और डिजिटल एवर्टाइजिंग सेल्स पर फोकस किया गया।

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