नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने अपने परिचालन को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि उसने जेट एयरवेज को ठोस रिवाइवल प्लान पेश करने को कहा है। वहीं डीजीसीए ने नियामकीय दायरे में रहते हुए एयरलाइन की मदद का भरोसा भी दिलाया है।

डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नियामक संबंधित नियमनों के तहत प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए सही कदम उठाएगा। कई हफ्तों की मशक्कत के बाद जेट एयरवेज ने बुधवार को अपना परिचालन अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की थी, क्योंकि उसे वित्तीय मदद नहीं मिल पाई थी।

अधिकारी ने बताया कि डीजीसीए कंपनी से एक पुख्ता योजना सौंपने को कह रहा है ताकि एयरलाइन का परिचालन फिर शुरू किया जा सके। अधिकारी के मुताबिक डीजीसीए नियामकीय दायरे में रहते हुए कंपनी को परिचालन शुरू करने में हरसंभव मदद करेगा। ऋणदाता संकट में फंसी जेट एयरवेज की हिस्सेदारी बिक्री के लिए बोली प्रक्रिया की तैयारी में हैं, जिस पर 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।

उड़ान रद्द होने और हवाई किराए में वृद्धि के कारण नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने गुरुवार को एक बैठक की। इस बैठक में तमाम एयरपोर्ट ऑपरेटर्स के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। वहीं इस बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अधिकारी ने बताया कि इस बैठक में जेट एयरवेज की ओर से उड़ाने रद्द किए जाने के बाद एयरपोर्ट पर स्लॉट के आवंटन मुद्दे पर चर्चा की गई।

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Posted By: Praveen Dwivedi