नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। विमानन नियामक डीजीसीए हर 15 दिन पर जेट एयरवेज के उड़ान कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहा है। बता दें कि जेट एयरवेज फिलहाल भारी वित्तीय समस्याओं से जूझ रही है। हाल ही में लीज किराये का पेमेंट नहीं कर पाने और परिचालन से जुड़ी अन्य कारणों की वजह से जेट को अपने कई विमानों को खड़ा करना पड़ा था।

जेट एयरवेज अपने कर्जों के फिर से गठन और अधिक धन जुटाने के लिए कर्जदाताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) हर 15 दिन में जेट एयरवेज के उड़ान कार्यक्रम की समीक्षा कर रहा है ताकि विमानों को खड़ा करने से अचानक उड़ान बाधित ना हो।

अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा विनियामक नियमों के अनुरूप विभिन्न पहलुओं पर नजर रख रहा है। इस पर जेट एयरवेज के प्रवक्ता ने कहा कि एयरलाइन के 2018 के शीतकालीन कार्यक्रम को डीजीसीए ने मंजूरी दी थी। प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, "सभी अन्य एयरलाइनों की तरह जेट एयरवेज नेटवर्क या कार्यक्रम में किसी तरह के बदलाव के बारे में नियामक को अवगत कराती है और हम डीजीसीए के साथ लगातार संपर्क में हैं।"

गौरतलब है कि रविवार को एयरलाइन को परिचालन संबंधी दिक्कतों के कारण कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा था। इस महीने के शुरुआत में जेट ने कहा था कि लीज किराये का पेमेंट न होने से उसे अपने 4 एयरक्राफ्ट को खड़ा करना पड़ा था।

Posted By: Nitesh

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