यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्पाइस जेट के पर कतरे
विमानन नियामक डीजीसीए ने खस्ताहाल निजी एयरलाइंस स्पाइस जेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को उसकी उड़ानों के ...और पढ़ें

नई दिल्ली। विमानन नियामक डीजीसीए ने खस्ताहाल निजी एयरलाइंस स्पाइस जेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को उसकी उड़ानों के 186 स्लॉट वापस ले लिए। साथ ही, उसके सभी कर्मचारियों को दस दिनों के अंदर बकाया वेतन देने को कहा है। नियामक का कहना है कि वह स्पाइस जेट की सभी उड़ानों पर खासकर लैंडिंग के वक्त कड़ी नजर रखेगा, ताकि वित्तीय घाटों में घिरी एयरलाइंस यात्रियों के सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न कर ले।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बड़े पैमाने पर लगातार उड़ानें रद होने और एयरलाइंस की खस्ता हालत से नाराज डीजीसीए के प्रमुख प्रभात कुमार ने कंपनी से 15 दिसंबर तक नए अनुसरणीय फ्लाइट शिड्यूल तलब किए। साथ ही, एयरलाइंस को तेल कंपनियों, हवाई अड्डों आदि का 15000 करोड़ का बकाया भी लौटाना है। डीजीसीए ने एयरलाइंस को केवल एक महीने की एडवांस बुकिंग करने को कहा है। इसके अलावा, रद्द हो चुकी बुकिंग की धनराशि ग्राहकों को तीस दिनों में लौटानी होगी।
सस्ती घरेलू उड़ान वाली स्पाइस जेट की सितंबर में कुल 339 उड़ानें निर्धारित थीं जिन्हें घटाकर अक्टूबर में 232 उड़ानें ही रखी गईं। इससे नाराज डीजीसीए ने 93 उड़ानें अराइवल और 93 डिपार्चर की वापस ले लीं।
उल्लेखनीय है कि नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने एक दिन पहले ही कहा था कि स्पाइस जेट लगता है हमें हार्ट अटैक दे देगी।
उन्होंने गुरुवार को कहा था कि खराब मौसम के कारण सरकारी और गैरसरकारी एयरलाइंस को नुकसान उठाना पड़ रहा है लेकिन किंगफिशर की तबाही के बाद अब स्पाइस जेट भी ऐसा लगता है कि उसी मंजर पर है। उन्होंने एयरलाइंस को 15 दिसंबर तक अपने कर्मियों को वेतन देने के साथ ही हर महीने की सात तारीख को आगे वेतन देने का क्रम बनाए रखने का निर्देश दिया था।
डीजीसीए की कार्रवाई
-उड़ानों के 186 स्लॉट वापस ले लिए
-10 दिन में कर्मियों को बकाया वेतन दें
-निजी एयरलाइंस की सभी उड़ानों की कड़ी निगरानी
-एडवांस बुकिंग एक माह तक ही सीमित की
-रद्द हो चुकी बुकिंग की धनराशि 30 दिन में ग्राहकों को होगी लौटानी
-15 दिसंबर तक नए अनुसरणीय फ्लाइट शिड्यूल तलब
-हवाई अड्डों व तेल कंपनियों आदि का 15000 करोड़ का बकाया है लौटाना
