वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष [आईएमएफ] के अनुसार यूरोप की आर्थिक स्थिति में और गिरावट आई तो भारत का निर्यात घटेगा और इसकी अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।

आईएमएफ के निदेशक [एशिया एवं प्रशात विभाग] अनूप सिंह ने शुक्रवार को बताया, मुझे लगता है कि अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तरह भारत के लिए भी निश्चित तौर पर निर्यात माग कमजोर होगी। निजी निवेश पर असर हम पहले से देख रहे हैं। उन्होंने कहा, अभी तक के हालात से मुझे लगता है कि एशिया पर वित्तीय प्रभावों को रोका जा रहा है। हमें देखने को मिल रहा है कि भारतीय बैंकों सहित एशियाई बैंक इस दिशा में कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, भारत एवं अन्य देशों के लिए कोष की लागत बढ़ रही है। लेकिन प्रमुख क्षेत्रों में आपूर्ति आमतौर पर बरकरार रखी जा रही है। सिंह ने कहा कि भारतीय अधिकारियों का ध्यान देश के राजकोषीय घाटे में कमी लाने पर है। इससे साफ है कि कम घाटे से बचत के लिए सरकार की माग घटेगी जिससे निजी क्षेत्र को अधिक उधारी जुटाने का अवसर मिलेगा।

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