नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में इस शनिवार को होने वाले विधानसभा चुनावों पर सिर्फ राजनीतिक पंडितों की ही नहीं, बल्कि अर्थ जगत के लोग भी इस पर नजर बनाए हुए हैं।

इक्विटी मार्केट पर नजर रखने और राजनीतिक बदलाव के आर्थिक पक्षों पर रिपोर्ट देने वाली सलाहकार फर्म बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने कहा है कि इस चुनाव के नतीजे शेयर बाजार पर असर डालेंगे। खास तौर पर अगर चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं रहे तो बाजार में गिरावट आ सकती है।

हालांकि मेरिल लिंच ने यह भी कहा है कि यह गिरावट आंशिक ही रहेगी। इससे भारतीय शेयर बाजार में लंबी अवधि के उसके विचार में कोई बदलाव नहीं आया है।

मेरिल लिंच की तरफ से गुरुवार को जारी रिपोर्ट में चुनावों से पहले जारी सर्वेक्षणों को आधार बनाया गया है। इसमे कहा गया है कि छह में से चार चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में आम आदमी पार्टी के विजयी होने की संभावना जताई गई है। लोकसभा की 543 सीटों में दिल्ली का हिस्सा बहुत कम है।

इस लिहाज से इसकी राजनीतिक हैसियत बहुत ज्यादा नहीं है। इसके बावजूद राजधानी होने की वजह से इसकी एक अलग अहमियत है। पिछले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में दिल्ली में भाजपा का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा है। लेकिन अब लगता है कि अब उसे पुराने प्रदर्शन को दोहराने में दिक्कत आ सकती है।

ऐसे में रिपोर्ट का कहना है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों का आर्थिक नीतियों पर तो कोई खास असर नहीं होगा, क्योंकि केंद्र में एक मजबूत सरकार है।

चुनाव भी स्थानीय मुद्दों पर लड़े जा रहे हैं, लेकिन बाजार को थोड़ी आशंका है कि इसके नतीजे एक तरह से सरकार की लोकप्रियता को तय करेंगे। ऐसा तो नहीं लगता है कि इसका आर्थिक सुधारों के एजेंडे पर कोई असर होगा, लेकिन शेयर बाजार को थोड़े समय के लिए धक्का जरूर लगेगा।

Posted By: Gunateet Ojha

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