नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्र सरकार की ओर से बीते साल 8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की ओर से बैंक में जमा कराई गई नकदी की जांच अब केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) करेगा। यह जानकारी आयोग के प्रमुख के वी चौधरी ने दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में सीवीसी ने आयकर विभाग से जानकारियां (डेटा) भी मंगवाई हैं।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का फैसला लिया था जिसके बाद 9 नवंबर 2016 से ही 500 और 1000 रुपए के नोट अमान्य कर दिए गए। इस फैसले के साथ ही लोगों को अपने पास रखे पुराने (अमान्य हो चुके) नोटों को बैंकों में जमा करवाने के लिए एक निश्चित समय भी दिया गया। केवी चौधरी ने बताया, “हमने पहले ही डेटा (सीबीडीटी से) मंगवा लिए हैं। हम और रिफाइन्ड डेटा प्राप्त करेंगे, जिस पर हम निश्चित रुप से आगे बढ़ेंगे।”

सीबीडीटी या सेंट्रल बोर्ड ऑफ डॉयरेक्ट टैक्सेस आयकर विभाग की प्रमुथ नीति निर्माता इकाई है। चौधरी ने कहा कि उन्होंने कर अधिकारियों के साथ बातचीत की है कि किस तरह से इस कार्यवाही को अंजाम दिया जाए क्योंकि देशभर में नकदी जमा का जो आंकड़ा है वो काफी बड़ा है। उन्होंने कहा, “हम यह कैसे पता करेंगे कि केंद्रीय कर्मचारियों की ओर से जमा कराई गई नकदी उनकी आय के अनुकूल है या नहीं। चूंकि सीबीडीटी पहले ही यह काम हर किसी के लिए कर रहा है भले ही वह केंद्रीय कर्मचारी हो या नहीं। हमने सीबीडीटी की मदद ली है। हमें अभी आंकड़े मिलने बाकी हैं।”

Posted By: Praveen Dwivedi