नई दिल्ली। सोने की तस्करी बढ़ने की आशंका के बीच आर्थिक खुफिया एजेंसियों ने हवाई अड्डों एवं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं सहित पारगमन के तमाम बिन्दुओं पर तैनात अपने कर्मियों को सतर्क रहने को कहा है।

सीमा शुल्क के अधिकारी खाड़ी के देशों और मलेशिया जैसे अन्य देशों से आने वाले माल व यात्री दोनों पर विशेष नजर रख रहे हैं। राजस्व खुफिया महानिदेशालय [डीआरआइ] के अधिकारियों को तस्करी और सीमा शुल्क वंचन की जांच करने का अधिकार प्राप्त है। वे इस पीली धातु के देश भर के कारोबारियों की पहले के बड़े सौदों की भी जांच कर रहे हैं।

वित्त मंत्री के एक अधिकारी ने कहा कि पहले सोने की तस्करी के बहुत सारे मामले सामने आए हैं। कस्टम और डीआरआइ के अधिकारियों ने तस्करी के जरिए देश में सोना लाने की कोशिश करते लोगों को गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय पारगमन के रास्तों पर तैनात अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने इससे पहले क्षेत्र में तैनात अपने सभी कर्मियों को अलर्ट जारी करते हुए सोने की तस्करी रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा था। विदेश में तैनात कस्टम ओवरसीज इंटेलीजेंस नेटवर्क के अधिकारियों को भी कहा गया है कि वहां से भारत भेजे जाने वाले माल पर वे अपनी पैनी नजर रखें। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने लोकसभा में आम बजट पेश करते हुए कहा था कि सोना के लिए पागलपन चालू खाता के घाटे [सीएडी] का एक कारण है। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर पिछले साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच सीमा शुल्क विभाग ने 50.02 करोड़ का सोना जब्त किया। वर्ष 2011 की इसी अवधि में यह जब्ती मात्र 15.81 करोड़ रुपये की थी। पिछले साल दिसंबर में कर्नाटक का एक व्यक्ति तस्करी के जरिए तीन किलो सोना लाते दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले मार्च में दुबई से अवैध ढंग से आयात किया गया 68 करोड़ रुपये के सोना नोएडा से पकड़ा गया था।

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