नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। कारोबार की प्रक्रिया आसान बनाने तथा गैर कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए कस्टम विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल करेगा। विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से सीख लेने की शुरुआत कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक भारत में हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर कस्टम विभाग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ब्लॉकचेन तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी और फॉरेंसिक जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा। इसका मकसद मानवीय हस्तक्षेप को सीमित करना है। व्यापार में सुविधा को बढ़ावा देना और गैरकानूनी गतिविधियों पर नकेल कसने के इरादे से ऐसी तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्स यानी सीबीआइसी ने इस दिशा में कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से सीख लेना शुरू कर दिया है। हाल में सीबीआइसी के अध्यक्ष एस रमेश ने बेल्जियम के कस्टम विभाग के प्रमुख के साथ मुलाकात के दौरान वहां इस्तेमाल हो रही हैं इस तरह की तकनीकों के बारे में चर्चा भी की। कहा कि ऐसी तकनीक अपनाने से कारोबार भी आसान होगा।

भारतीय एजेंसियां तस्करी रोकने के लिए लगातार तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। हाल में कस्टम विभाग ने सोना जैसी कीमती धातुओं तथा अन्य वस्तुओं की तस्करी रोकने को अब वीडियोस्कोप का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए हैं। विभाग जल्द ही देशभर में अलग-अलग जोन में 74 वीडियोस्कोप तैनात करने जा रहा है। इसके इस्तेमाल से विमान या जहाज में छुपाकर ले जा रहे सामान को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। अमेरिका सहित कई विकसित देशों में तस्करी पकड़ने के लिए वहां की प्रवर्तनकारी एजेंसियां वीडियोस्कोप की तकनीक का इस्तेमाल करती हैं। असल में वीडियोस्कोप ऐसे इलेक्टिॉनिक उपकरण हैं जिनकी मदद से किसी विमान या पोत में कहीं छुपी वस्तु को आसानी से देखा जा सकता है। 

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