नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मुद्रा विनियम संबंधी सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह जानकारी वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने दी है। इस करार के साथ ही दोनों देशों को एक दूसरे की मुद्रा में व्यापार की अनुमति मिल गई है। अब वो बिना किसी तीसरी बेंचमार्क मुद्रा पर निर्भरता के पूर्व निर्धारित विनिमय दर पर आयात और निर्यात व्यापार के लिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे।

इस करार का सबसे पहले सुझाव वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु की ओर से रखा गया था और इस पर यूएई के साथ 6 बैठकों में लंबी चर्चा भी हुई थी। यह बैठक अक्टूबर के दौरान मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात- भारत के बीच उच्चस्तरीय संयुक्त कार्यबल के बीच हुई थी। वाणिज्य मंत्रालय लगातार इस मसले को यूएई के अधिकारियों के समक्ष उठाता रहा है।

इतना ही नहीं मंत्रालय ने देश में यूएई निवेश से जुड़े मुद्दों के समाधान और निवेश सुविधा के लिए एक विशेष यूएई डेस्क भी स्थापित की है। संबंधित अधिकारी ने बताया कि इस अहम समझौते से जाहिर तौर पर दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा मिलेगा। आपको जानकारी के लिए बता दें कि इन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2017-18 में 50 अरब डॉलर का रहा था। भारत में इस वित्त वर्ष के दौरान एक अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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