Crude Oil Price: कच्चे तेल में अचानक 10% का भयंकर उछाल; क्या दुनिया पर मंडरा रहा है कोई नया संकट, क्या है वजह?
Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को 10% की भारी बढ़ोतरी हुई, जिससे दाम 100 डॉलर प्रति ...और पढ़ें

HighLights
कच्चे तेल की कीमत 10% बढ़कर 100 डॉलर पार।
अमेरिका-ईरान तनाव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक करने की चेतावनी।
Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमत में सोमवार को 10 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है, जिससे दाम फिर से 100 डॉलर प्रति बेरल के पार निकल गया है। सुबह 11:45 पर ब्रेंट क्रूड का दाम 7.21 प्रतिशत या 6.86 डॉलर बढ़कर 102.2 डॉलर प्रति बेरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम 7.90 प्रतिशत या 7.63 डॉलर बढ़कर 104.28 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया जा रहा है।
क्या है तेजी की वजह?
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की वजह ईरान से बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान "जलमार्ग को खुला रखने में विफल रहा है" और चेतावनी दी कि अमेरिका स्ट्रेट में प्रवेश करने या बाहर निकलने की कोशिश करने वाले "सभी जहाजों" को रोकेगा। उन्होंने समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित व्यवधान को लेकर चिंता व्यक्त की।
अमेरिका और ईरान ने 8 अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताई थी, जिसका उद्देश्य तनाव कम करना और एक महत्वपूर्ण वैश्विक तेल पारगमन मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना सुनिश्चित करना था। हालांकि, दोनों देशों के बीच बातचीत विफल होने से आपूर्ति में व्यवधान की आशंका बढ़ गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक कच्चे तेल के परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और इसमें किसी भी प्रकार की रुकावट का आपूर्ति श्रृंखलाओं और कीमतों पर तत्काल प्रभाव पड़ता है।
बाजार पर भी पड़ा असर
इस बीच, घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में भी प्रमुख सूचकांक भी लाल निशान में हैं लगभग हर प्रमुख सूचकांक 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट पर कारोबार कर रहे थे।
घरेलू बाजार में कितना महंगा हुआ कच्चा तेल?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर क्रूड ऑल फ्यूचर्स (20 अप्रैल कॉन्ट्रेक्ट) 5.74 प्रतिशत या 525 रुपये बढ़कर 9,678 रुपये प्रति बैरेल पर ट्रेड कर रहा है।
(आईएनएस इनपुट के साथ)
सोर्स- एमसीएक्स और Investing.com
ं
एशियाई बाजारों में भी प्रमुख सूचकांक भी लाल निशान में हैं, जिनमें निक्केई, हांग सेंग और कोस्पी जैसे प्रमुख सूचकांकों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
