यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Crude Oil Price: चीन में कोरोना के नए मामलों से लुढ़का कच्चे तेल का बाजार, ब्रेंट क्रूड में 1 फीसद की गिरावट
Crude Oil Price चीन में कोरोना के नए सब वेरिएंट मिलने की खबरों का असर कच्चे तेल बाजार पर भी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Price) एक बार फिर से नीचे आ गई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में नई गिरावट चीन में कोरोना (New Covid Cases In China) के बढ़ते मामलों की चिंताओं के बीच आई है। सोमवार को वायदा बाजार में कच्चे तेल की कीमत एक डॉलर से अधिक कम हो गई। जबकि पिछले सत्र में तेल की कीमत मजबूत हुई थी। चीन में ओमिक्रॉन के नए सब वेरिएंट का पता चलने के बाद वहां की सरकार बड़े पैमाने पर मास टेस्टिंग की योजना बना रही है। इस रिपोर्ट के सामने आते ही कच्चे तेल की कीमतें गिरनी शुरू हो गईं। रूस-यूक्रेन युद्ध और नार्वे द्वारा उत्पादन में कटौती करने की घोषणा के बाद पहले ही आपूर्ति के संकट से जूझ रहे कच्चे तेल का बाजार इस खबर से सशंकित हो उठा।
जारी है तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को 2.3 फीसद चढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड वायदा बाजार में तेल की कीमत 1.02 या 1 फीसद गिरकर 106 डॉलर रह गई। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स शुक्रवार से 2 फीसद की बढ़त के बाद आज 1.3 फीसद गिरकर 103.41 डॉलर पर आ गया। दोनों बेंचमार्क क्रूड कॉन्ट्रैक्ट्स ने सोमवार को शुरुआती कारोबार की नरमी से उभरकर तेजी दिखानी शुरू की थी, लेकिन चीन में कोरोना के बढ़ते खतरे की खबरों से बाजार गिर गया। इसके अलावा तेल व्यापार केंद्र सिंगापुर सहित दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में सार्वजनिक अवकाश के कारण तेल का कारोबार कम हुआ। लेकिन बाजार इस खबर से एकदम बौखला गया चीन के शंघाई में एक अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट का पता चला है। पिछले एक दिन में चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई में कोरोना के नए मामले 52 से बढ़कर 63 हो गए।
फिर से कोरोना का डर
कॉमनवेल्थ बैंक के कमोडिटी एनालिस्ट विवेक धर ने समाचार एजेंसी रायटर से बातचीत करते हुआ कहा बाजार ने न्यूज फ्लो पर प्रतिक्रिया दी है और चीन ने अब तक सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि व्यापारी इस बात से घबराए हुए थे कि मई के बाद शंघाई में नए सब वेरिएंट की खोज और दैनिक मामलों की संख्या में उछाल के चलते चीन में बड़े पैमाने पर कोरोना टेस्टिंग का दौर वापस आ सकता है, जिससे ईंधन की मांग प्रभावित होगी। उधर एएनजेड के एक रिसर्च एनालिस्ट्स ने कहा कि डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स में नेट लॉन्ग पोजीशन मार्च 2020 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर है, जब कोविड-19 के प्रसार के साथ मांग में अचानक गिरावट आई थी।
तेल की आपूर्ति सुधारने का प्रयास
तेल की आपूर्ति को सरल बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इस सप्ताह सऊदी अरब के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। लेकिन इससे बाजार के तुरंत सुधरने की उम्मीद नहीं है। दरअसल, बाजार पश्चिमी देशों द्वारा रूसी तेल की कीमतों को सीमित करने की योजनाओं के बारे में चिंतित है। उधर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध अगर आगे जारी रहे तो इसके वैश्विक ऊर्जा बाजार में विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।
