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सिर्फ 29 लाख टन पेट्रोल-डीजल.. 8 महीने में ऐसा पहली बार; आखिर क्यों घटा कच्चे तेल का आयात?

Published: Tue, 28 Apr 2026 05:54 PM (IST)

भारत में मार्च में कच्चे तेल का आयात 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो 1.90 करोड़ मीट्रिक ...और पढ़ें

क्रूड इंपोर्ट की फाइल फोटो

क्रूड इंपोर्ट की फाइल फोटो

HighLights

  1. मार्च में कच्चे तेल का आयात 8 महीने के निचले स्तर पर।

  2. वैश्विक ऊर्जा कीमतें, ईरान-अमेरिका संघर्ष ने आयात घटाया।

  3. भारत ने रूस से रियायती कच्चे तेल का आयात बढ़ाया।

नई दिल्ली। भारत में मार्च में कच्चे तेल का आयात (Indias Crude Import) 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कच्चे तेल का आयात महीने-दर-महीने आधार पर 5.6 प्रतिशत घटकर 1.90 करोड़ मीट्रिक टन रह गया। जुलाई, 2025 के बाद यह पहला अवसर है जब किसी महीने इतना कम कच्चे तेल का आयात किया गया है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है। यह आंकड़े इसकी तेल मांग का संकेतक हैं। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस डेटा पर नजर डालें तो सालाना आधार पर कच्चे तेल का आयात 16.7% कम हुआ, जो मार्च 2025 में 2.28 करोड़ टन था।

फिलहाल, ईरान और अमेरिका के बीच किसी समझौते के नहीं होने से कच्चे तेल की कीमतें अब भी 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है। 

आयात और निर्यात दोनों घटा

मार्च में कच्चे तेल के उत्पाद का आयात सालाना आधार पर लगभग 29.6% घटकर 28.80 लाख टन रह गया जबकि उत्पादों का निर्यात लगभग 27.2 प्रतिशत घटकर 44.70 लाख टन रह गया।

ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल का युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं। इस रास्ते से वैश्विक तेल और गैस की लगभग 20 प्रतिशत आपूर्ति होती है।

वाशिंगटन ने ईरान के साथ युद्ध से परेशान ग्लोबल एनर्जी मार्केट को स्थिर करने में मदद के लिए भारत सहित कई देशों को प्रतिबंधित रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को खरीदने की छूट दी है। साथ ही ईरान के फ्लोटिंग आयल (वह तेल जो समुद्र में मौजूद जहाजों में है) को भी खरीदने की छूट दी थी। इसका फायदा स्थानीय रिफाइनरी कंपनियों ने भी उठाया।

बता दें कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 80 फीसदी तेल आयात करता है। हाल के वर्षों में भारत ने सबसे ज्यादा क्रूड, रूस से आयात किया है। दरअसल, यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है। सस्ते और डिस्काउंटेड रेट पर कच्चा तेल मिलने के कारण भारत बड़े पैमाने पर रूस से ऑयल इंपोर्ट किया है।

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मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में रूस की हिस्सेदारी लगभग 35% से लेकर कुछ महीनों में 50% तक रही है। इसके अलावा, मध्य पूर्व एशियाई देशों से भी भारत कच्चे तेल का आयात करता है। इनमें इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख सप्लायर्स हैं।

(सेंट्रल डेस्क के इनपुट के साथ)