नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत देखने को मिली है। जनवरी, 2018 में रिटेल महंगाई दर यानि कि सीपीआई घटकर 5.07 फीसद के स्तर पर रही है। वहीं, दिसंबर महीने में यह 5.21 फीसद के स्तर पर रही थी। लेकिन यह भारतीय रिजर्व बैंक के चार फीसद के अनुमान से ज्यादा रही है।

खाद्य, ग्रामीण और शहरी महंगाई में नरमी देखने को मिली है। जनवरी महीने में खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर घटी है। महीने दर महीने के आधार पर बात की जाए तो जनवरी में खाद्य महंगाई दर 4.96 फीसद से घटकर 4.70 फीसद के स्तर पर रही है। वहीं, महीने दर महीने आधार पर जनवरी में फ्यूल और बिजली की महंगाई दर 7.9 फीसद से कम होकर 7.7 फीसद के स्तर पर रही है।

साथ ही इसके महीने दर महीने आधार पर जनवरी में अनाज की महंगाई दर 2.57 फीसद से घटकर 2.33 फीसद रही है। इसी तरह जनवरी में सब्जियों की महंगाई दर 29.13 फीसद से गिरकर 26.97 फीसद पर के स्तर पर देखने को मिली है। जबकि महीने दर महीने आधार पर जनवरी में कपड़ों और जूतों की महंगाई दर की बात की जाए तो यह 4.8 फीसद से बढ़कर 4.9 फीसद पर रही है। वहीं, महीने दर महीने आधार पर जनवरी में कोर महंगाई दर 5.1 फीसद पर बरकरार रही है।

दिसंबर में आईआईपी के आंकड़ों में आई गिरावट

इंडस्ट्रीयल ग्रोथ की रफ्तार में दिसंबर महीने में कमजोरी दर्ज की गई है। दिसंबर में यह 7.1 फीसद के स्तर पर रही है जबकि नवंबर महीने में यह 8.4 फीसद रही थी। दिसंबर महीने में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट 8.4 फीसद के स्तर रही है जबकि नवंबर में यह 10.2 फीसद के स्तर पर रही थी। वहीं, इलेक्ट्रीसिटी प्रोडक्शन 4.4 फीसद के स्तर पर रही है जो कि बीते महीने 3.9 फीसद के स्तर पर रही थी। इसी तरह माइनिंग आउटपुट 1.2 फीसद के स्तर पर रहा है जो कि नवंबर महीने में 1.1 फीसद पर रही थी। दिसंबर में प्राइमरी गुड़्स का आउटपुट 3.7 फीसद के स्तर पर रहा है जो कि नवंबर में 3.2 फीसद रहा था।

By Surbhi Jain