जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना महामारी के मद्देनजर बीमा नियामक प्राधिकरण (इरडा) ने जनरल इंश्योरेंस कंपनियों से जीवन बीमा, मोटर बीमा तथा हेल्थ बीमा धारक ग्राहकों को प्रीमियम भुगतान के लिए ज्यादा समय की मोहलत देने के अलावा पॉलिसी के नवीकरण के लिए कम से कम एक महीने का समय देने का निर्देश दिया है। इरडा ने ये निर्देश कोरोना लॉकडाउन के कारण प्रीमियम भुगतान से मोहलत दिए जाने की उपभोक्ता तथा ट्रांसपोर्टर संगठनों की मांगों के मद्देनजर जारी किए हैं।

इरडा ने जीवन बीमा तथा स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से भी अपने व्यवसाय की निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रीमियम वसूली के सभी संभव वैकल्पिक उपाय आजमाने को कहा है। बीमा कंपनियों से कहा गया है कि वे ग्राहकों को इस बारे में सूचित करने के लिए अपनी वेबसाइटों में अपडेट जारी करें। इसी के साथ इरडा ने कोरोना संक्रमण से बचने-बचाने के लिए बीमा कंपनियों को जून के अंत तक अपनी सभी बोर्ड बैठकें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन करने की सलाह भी दी है।

मोटर एक्ट 2019 के मद्देनजर यहां ये बताना महत्वपूर्ण होगा कि इस संशोधित एक्ट के तहत वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा कराने को आवश्यक कर दिया गया है। ऐसे में कोरोना लॉकडाउन के कारण यदि पॉलिसीधारक समय पर अपनी पॉलिसी रीन्यू नहीं करा पाते तो उनके लिए भारी मुश्किल खड़ी हो सकती है। क्योंकि यदि पॉलिसी लैप्स हो गई और रीन्यू होने से पहले गाड़ी से कोई दुर्घटना हो गई तथा किसी व्यक्ति की मौत या घायल हो गया तो उसका पूरा मुआवजा वाहन चालक को देना पड़ सकता है।

क्योंकि बीमा कंपनी तो भुगतान करेगी नहीं।लॉकडाउन के दौरान मोटर चालकों की वित्तीय मुश्किलों को आसान करने के लिए अभी बुधवार को ही सरकार ने उन्हें 21 दिनो के लिए टोल टैक्स से छूट देने का फैसला किया है। ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ एसपी सिंह ने एनएचएआइ के बाद इरडा द्वारा उठाए गए उक्त कदम की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि इससे ट्रक आपरेटरों की लागत में 10-15 फीसद की कमी आने से भाड़ों में 4-5 फीसद की कमी संभव है।

Posted By: Nitesh

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