नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कोर सेक्टर का उत्पादन प्री-कोविड काल के आसपास पहुंच गया है। इस साल सितंबर में कोर सेक्टर की विकास दर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले सिर्फ 0.8 फीसद की गिरावट रही। इस साल अगस्त में कोर सेक्टर में पिछले साल अगस्त के मुकाबले 7.3 फीसद की गिरावट हुई थी। गत सितंबर में छह महीने के बाद पहली बार स्टील और बिजली के उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोर सेक्टर में आठ प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, खाद, स्टील, सीमेंट व बिजली शामिल हैं।

वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस साल फरवरी के बाद पहली बार बिजली के उत्पादन में सकारात्मक बढ़ोतरी रही। सितंबर में बिजली के उत्पादन में पिछले साल सितंबर के मुकाबले 3.7 फीसद का इजाफा रहा। इस साल अगस्त महीने में बिजली के उत्पादन में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 1.8 फीसद की गिरावट आई थी। वैसे ही, स्टील के उत्पादन में छह महीने के बाद बढ़ोतरी दर्ज की गई जो पिछले साल सितंबर के मुकाबले 0.9 फीसद की रही।

अगस्त में स्टील के उत्पादन में 1.7 फीसद की गिरावट हुई थी। कोयले के उत्पादन में सितंबर महीने में 21.2 फीसद का इजाफा रहा। कोयले के उत्पादन में गत अगस्त में भी 3.6 फीसद की बढ़ोतरी हुई थी। कोर सेक्टर के अन्य पांच क्षेत्रों में गिरावट रही। सबसे अधिक 10.6 फीसद की गिरावट प्राकृतिक गैस के उत्पादन में रही।

इस साल अप्रैल से सितंबर के दौरान सेक्टर के आउटपुट में 14.9 फीसद की निगेटिव ग्रोथ देखने को मिली। वहीं, पिछले साल इसी अवधि में कोर सेक्टर आउटपुट में 1.3 फीसद की वृद्धि देखने को मिली थी।

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