नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। निजी कंपनियों व संस्थाओं को व्यावसायिक सेवा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए 5जी स्पेक्ट्रम दिए जा सकते हैं। कई निजी कंपनियों ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) व टेलीकाम विभाग से इसका अनुरोध किया है और उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। एयरलाइंस, पावर ग्रिड व अस्पताल के अलावा 2,000-3,000 कर्मचारी क्षमता वाली कंपनियों को 5जी स्पेक्ट्रम का आवंटन किया जा सकता है।

टेलीकाम कंपनियां कर रहींं विरोध

हालांकि टेलीकाम कंपनियां इसका विरोध कर रही हैं। उन्होंने भी ट्राई से निजी कंपनियों को 5जी स्पेक्ट्रम का आवंटन नहीं करने के लिए कहा है। ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, जर्मनी, फिनलैंड जैसे देशों ने भी निजी उपयोग के लिए अलग से स्पेक्ट्रम देने का फैसला किया है। टाटा कम्यूनिकेशंस और एलएंडटी जैसी कंपनियां निजी उपयोग के लिए 5जी स्पेक्ट्रम दिए जाने के पक्ष में हैं।

अप्रैल-मई में हो सकती है नीलामी

सूत्रों के अनुसार आगामी अप्रैल-मई में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू हो सकती है। टेलीकाम विभाग ने इस वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर देश में 5जी सेवा की शुरुआत का लक्ष्य रखा है।

बदल जाएगी इंटरनेट की दुनिया

सूत्रों के मुताबिक निजी कंपनियों को निजी उपयोग के लिए 5जी स्पेक्ट्रम इसलिए दिए जा सकते हैं, क्योंकि यह इंटरनेट की दुनिया को पूरी तरह से बदल देगा और इसका मुख्य रूप से व्यावसायिक उपयोग होगा। कंप्यूटर साइंस, एआइ, साफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करने वाली कंपनियों के साथ बड़े अस्पतालों को अपने लिए अलग से 5जी स्पेक्ट्रम की जरूरत होगी।

प्रदर्शन में सुधार होगा

विशेषज्ञों के मुताबिक सिर्फ आपरेशन थिएटर में 5जी का उपयोग हो और अस्पताल में बाकी जगह उससे नीचे का स्पेक्ट्रम, तो आपरेशन में भी दिक्कत आ सकती है। ऐसे में पूरे परिसर में 5जी होने से संबंधित प्रतिष्ठान सुरक्षित रहेंगे और उनके प्रदर्शन में सुधार होगा।

राजस्व का होगा नुकसान

दूसरी तरफ टेलीकाम कंपनियों ने ट्राई से कहा है कि कंपनियों को निजी उपयोग के लिए 5जी स्पेक्ट्रम देने से सरकार को राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि ट्राई के स्तर पर यह तय नहीं हुआ है कि निजी कंपनियों को कैप्टिव इस्तेमाल के लिए 5जी स्पेक्ट्रम लेने के लिए नीलामी में हिस्सा लेना होगा या उन्हें अलग दर पर स्पेक्ट्रम दिए जाएंगे। 

Edited By: Krishna Bihari Singh