नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। भारत को कोविड-19 प्रसार को नियंत्रित करने के लिए तेजी से प्रतिक्रिया के लिए प्रशंसा की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की तैयारियों के कारण लॉकडाउन 2.0 का संचालन बेहतर रहा है। खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनियां खास आवश्यक व्यवसाय होने के वजह से, लॉकडाउन के पहले फेज से काम रही हैं। हालांकि, लॉकडाउन 2.0 में इन्हे थोड़ी और ढील दी गई है, लेकिन उनके सुचारु संचालन में कई चुनौतियां हैं- जैसे कि श्रमिकों की कमी और स्थानीय प्रशासिक निकायों के साथ समन्वय। इसके बावजूद कंपनियां लोगों तक खाद्य पदार्थ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

मजदूरों के पलायन और शहरों या कस्बों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध से मानव संसाधन की उपलब्धता में कमी हो गई है। भले ही भारत के अनेक क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की मांग ज्‍यादा रही है लेकिन इन चुनौतियों की वजह से बाधाएं आती हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए, कैपिटल फूड्स, जिसे चिंग्स सीक्रेट और स्मिथ एंड जोन्स ब्रांडों के लिए जाना जाता है, ने स्थानीय स्थर पर तेजी से काम किया है। इसके लिए कंपनी सरकारी अधिकारियों, वितरकों, स्टॉकिस्टों और स्टोर के मालिकों के साथ मिलकर काम कर रही है। कैपिटल फूड्स के सीईओ नवीन तिवारी ने कहा, 'सरकार नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा के बड़े संकट से जूझ रही है। इसलिए इसका समर्थन करना और लोगों के लिए आवश्यक खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है।' 

तिवारी ने कहा कि मजदूर उपलब्धता की चुनौतियों को दूर करने के लिए, हम अपने कुछ कर्मचारियों को उनके आवास, भोजन, स्वच्छता और मनोरंजन का ध्यान रखते हुए कारखानों के अंदर रख रहे हैं। इससे हमें थोड़ी आसानी हुई है, फिर भी बहुत सारे काम बाकी हैं। हमारी अग्रिम तैयारी ने हमें तेजी से आगे बढ़ने में मदद की है। लॉकडाउन के 48 घंटे के भीतर ही हमारा पहला कारखाना चालू था, और वर्तमान में हम अपने सभी उत्पादों में लगभग 60-70% क्षमता पर काम कर रहे हैं। 

कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दूसरों के साथ संपर्क के जोखिम को कम करने के लिए, कंपनी ने कारखानों में कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था की है। कारखाने में रहने के दौरान भी यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए जाते हैं कि वे संक्रमण के किसी भी संभावित खतरे से अच्छी तरह से सुरक्षित रहें। नियमित तापमान की जांच, मास्क, दस्ताने और अन्य गियर्स की आपूर्ति, खाद्य ट्रकों की स्वच्छता, श्रमिकों की भावनात्मक भलाई के लिए परामर्श करना - हर चीज का ध्यान रखा जा रहा है। कंपनी अपनी जिम्मेदारी को राष्ट्रीय कर्तव्य मान रही है और इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

Posted By: Manish Mishra

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