राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और एनएलसी इंडिया संयुक्त रूप से लगभग 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ तीन हजार मेगावॉट की सौर ऊर्जा परिसंपत्तियां तैयार करेंगी। सूत्रों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। दोनों सरकारी कंपनियों ने शुक्रवार को कहा था कि वे देश में पांच हजार मेगावॉट की सौर ऊर्जा और तापीय ऊर्जा परियोजनाएं लगाने के लिये एक संयुक्त उपक्रम (जेवी) की स्थापना करेंगे। 

उन्होंने कहा कि एक सौर जेवी पहले से ही 10 लाख रुपये की प्रारंभिक पूंजी के साथ गठन की प्रक्रिया में है। एक बार कंपनी के गठन के बाद, संबंधित कंपनी का निदेशक मंडल परियोजना की अंतिम रूपरेखा तय करेगा। अभी हर एक मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता के लिए करीब चार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने के लिये आयातित सौर पैनलों पर 20 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क लगाने की योजना बनाइ है। सौर ऊर्जा डेवलपर्स काफी हद तक चीन के उपकरणों पर निर्भर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि तापीय ऊर्जा परियोजना को एक अलग संयुक्त उद्यम के जरिए विकसित किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि कोल इंडिया ने 4.83 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं पहले ही स्थापित कर ली हैं और ये संयंत्र लगभग 46 लाख यूनिट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।

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