नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। देश के आर्थिक विकास के वर्ष 2019 में तेज रहने की उम्मीद है। वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते तनाव के बावजूद इस साल यह सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा। यह बात इंडस्ट्रियल बॉडी सीआईआई ने कही है।

सीआईआई ने बताया कि सेवा क्षेत्र में मजबूत कारकों और अगले साल होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर चुनावी खर्च से उत्पन्न बेहतर मांग से सकारात्मक माहौल बनेगा। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने बताया, "मांग की बेहतर स्थिति, जीएसटी से जुड़ी समस्याओं का समाधान, बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में निवेश से क्षमता विस्तार, नीतियों में सुधार का सकारात्मक प्रभाव और कर्ज देने में सुधार जैसे कारकों से आर्थिक वृद्धि में मजबूती जारी रहेगी और यह 2019 में 7.5 फीसद के दायरे में रहेगी।"

इंडस्ट्रियल बॉडी ने यह भी कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिका एवं चीन के बीच व्यापार तनाव और अमेरिका के मौद्रिक नीति को सख्त करने से खड़ी हुई बाहरी मुश्किलों के बावजूद वर्ष 2018 में भारत दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था बना रहा।

इतना ही नहीं इंडस्ट्रियल बॉडी ने वर्ष 2019 में जीडीपी ग्रोथ को तेज बनाए रखने के लिए सात प्रमुख कारकों की पहचान भी की है, जिन्हें और प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है। साथ ही बॉडी ने नीतिगत मोर्चों पर काम करने का सुझाव दिया है। बॉडी उम्मीद जताई है कि जीएसटी काउंसिल ईंधन, रीयल एस्टेट, बिजली और शराब को भी टैक्स के दायरे में लाने पर विचार करेगी जिसे अभी बाहर रखा गया है।

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