नई दिल्ली (पीटीआई)। शानदार अवसरों की उपलब्धता के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2019-20 तक 10 फीसद की जीडीपी ग्रोथ हासिल कर सकती है। यह बात गुरुवार को सीआईआई (कॉन्फिडिरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) की अध्यक्ष शोभना कामयनी ने कही है।

सीआईआई ने बताया, “हमारा ऐसा मानना है कि भारत अगले तीन सालों के भीतर 10 फीसद की जीडीपी ग्रोथ हासिल कर सकता है। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सीआईआई का अध्ययन बताया है कि भारत 8 फीसद की जीडीपी ग्रोथ हासिल कर सकता है।” उन्होंने बताया कि इसके साथ भारत हर साल 1 फीसद की अतिरिक्त ग्रोथ हासिल कर सकता है जिससे कि काफी सारी नौकरियों का सृजन होगा।

कामायनी ने कहा, “अगर भारत की जीडीपी हर साल 1 फीसद की अतिरिक्त ग्रोथ के साथ बढ़ेगी तो सालाना आधार पर 5 मिलियन नौकरियों का सृजन होना संभव है। सीआईआई का अध्ययन बताता है कि हम 3.7 मिलियन के रोजगार का सालाना आधार पर सृजन कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि देश की ग्रोथ में इजाफा करने वाले कारकों में जीएसटी के कार्यान्वयन से होने वाले लाभ और लेबर फोर्स मंज महिलाओं की भागेदारी शामिल हैं। कामायनी ने बताया कि शहरीकरण की प्रक्रिया के कारण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी, जैसे कि निर्माणाधीन कार्यों और अगले पांच सालों के भीतर बुनियादी ढांचागत क्षेत्रों में सरकार की ओर से किया जाने वाला 30 ट्रिलियन का खर्चा। वहीं सर्विस सेक्टर में ग्रोथ और पर्यटन में भी बढ़ावा इकोनॉमी को बढ़ावा देने वाले अन्य कारक होंगे।

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