MSME को मिलेगा ज्यादा लोन! CIFL ने फॉरेक्स एसेट्स ट्रांसफर कर लेंडिंग बिजनेस पर बढ़ाया फोकस; किसे होगा फायदा?
कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (CIFL) ने RemitX के फॉरेक्स एसेट्स नियो को ट्रांसफर किए हैं ताकि वह अपने मुख्य लेंडिंग ...और पढ़ें
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CIFL ने RemitX एसेट्स बेचे, MSME लेंडिंग पर बढ़ाया फोकस
HighLights
CIFL ने RemitX के फॉरेक्स एसेट्स नियो को बेचे।
कंपनी का मुख्य फोकस अब लेंडिंग और MSME कारोबार पर।
रणनीतिक बदलाव से CIFL की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड ने अपना पूरा फोकस मुख्य लेंडिंग और MSME कारोबार पर लगाने के लिए अपने फॉरेक्स ब्रांड RemitX की कुछ संपत्तियों को ट्रांसफर करने का फैसला किया है। इसके तहत RemitX के एसेट्स ट्रैवल फिनटेक प्लेटफॉर्म नियो (Niyo) का हिस्सा कांजी फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपे जाएंगे। कंपनी के बोर्ड ने इस सौदे को मंजूरी दे दी है और अब यह केवल जरूरी रेगुलेटरी और अन्य मंजूरियों के अधीन है।
क्यों किया जा रहा है यह बदलाव?
यह कदम CIFL के बड़े रणनीतिक बदलाव का हिस्सा है। कंपनी अब अपना पोर्टफोलियो बिल्कुल सिंपल रखना चाहती है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी ने 'कैपिटल इंडिया होम लोन्स लिमिटेड' में अपनी हिस्सेदारी बेची थी। अब RemitX एसेट्स के ट्रांसफर से CIFL अपने सभी संसाधन और ऊर्जा टेक्नोलॉजी-बेस्ड लेंडिंग कारोबार पर लगा सकेगी।
मैनेजमेंट का क्या कहना है?
सीआईएफएल (CIFL) के मैनेजिंग डायरेक्टर केशव पोरवाल ने इस फैसले पर कहा,
पिछले कुछ सालों से हम कैपिटल इंडिया को उन व्यवसायों के इर्द-गिर्द ढाल रहे हैं, जहां लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की सबसे ज्यादा संभावना है। हमारी पूंजी मजबूत है, नेटवर्क बढ़ रहा है और लेंडिंग कारोबार ने शानदार रफ्तार पकड़ी है। इस फैसले से हम अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल कर पाएंगे।"
दूसरी ओर, Niyo Forex के CEO अमित तलवार इस डील से काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा,
RemitX से Niyo को तीन ऐसी चीजें मिलेंगी जिन्हें रातों-रात नहीं बनाया जा सकता- शानदार ब्रांच नेटवर्क, मजबूत पार्टनरशिप और अनुभवी टीम। क्रॉस-बॉर्डर सेवाएं हमारा कोर बिजनेस हैं और यह डील हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।"
लेंडिंग कारोबार की मजबूत स्थिति और आंकड़े
CIFL का लेंडिंग कारोबार लगातार ग्रोथ दर्ज कर रहा है। कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़े इसकी गवाही देते हैं।
- शानदार तिमाही (Q1 FY27): कंपनी की स्टैंडअलोन आय सालाना आधार पर 32% बढ़कर ₹69.53 करोड़ हो गई है। लोन बांटने (डिस्बर्समेंट) में 36% और AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) में लगभग 20% की शानदार बढ़ोतरी हुई है।
- मजबूत पूंजी: 30 जून 2026 तक कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 43.58% दर्ज किया गया, जो किसी भी फाइनेंस कंपनी के लिए एक बहुत मजबूत स्थिति है।
- नेटवर्क का विस्तार: CIFL अब 9 राज्यों में 46 शाखाओं के जरिए काम कर रही है, जो पहले सिर्फ 29 थीं।
- FY26 का रिकॉर्ड: पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का AUM 22% उछलकर ₹1,227.37 करोड़ पर पहुंच गया था, जबकि लोन डिस्बर्समेंट 62% की छलांग के साथ ₹753.54 करोड़ रहा था।
CIFL का यह फैसला स्पष्ट करता है कि कंपनी भविष्य में छोटे और मझोले कारोबारियों (MSME) और अपने मुख्य लेंडिंग पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

