यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चीन ने खुद माना इस मामले में सुपर पॉवर बन सकता है भारत
गैजेट हो, तकनीक या फिर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन चीन अपने हर काम में तेज रफ्तार के साथ बेहतर काम करने के लिए जाना जाता है

नई दिल्ली: गैजेट हो, तकनीक या फिर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन चीन अपने हर काम में तेज रफ्तार के साथ बेहतर काम करने के लिए जाना जाता है। यानी चीन हर मामले में भारत से आगे रहने की कोशिश करता हैं, लेकिन अगर बात स्मार्टफोन की करें तो वह भारत से पिछड़ता दिख रहा है। चीन के अंग्रेजी भाषा अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक भारत जल्द ही स्मार्टफोन के मामले में एक ग्लोबल पॉवर बन जाएगा। यह बात गौर करने लायक है कि भारत अन्य उभरते बाजारों की तुलना में किस प्रकार से अलग है।
चीनी मीडिया का कहना है कि सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ाने और सरकार के देश के भीतर निर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) को बढ़ावा देने के कारण भारत में स्मार्टफोन का विस्तार (बूम) अपने पहले चरण में है और इस बात की संभावना है कि वह जल्द ही स्मार्टफोन के मामले में वैश्विक शक्ति बन सकता है। चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के कार्यकारियों के आंकलन के आधार पर लिखे गए इस लेख के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियां भारत के लोकल ब्रांड को अगला एप्पल, सैमसंग और चीन का ZTE एवं हुवई बनने के लिए बुनियाद तैयार कर रही हैं। यह वह दौर है जब भारत वैश्विक पैमाने पर स्मार्टफोन आपूर्ति के क्षेत्र में अपने पांव पसार रहा है और उसने अमेरिका तथा चीन के नक्शेकदम पर चलकर एक ट्रेंडसैटर बनने की ओर कदम भी बढ़ा दिए हैं। इस लेख में आगे कहा गया है कि एक दिन आएगा जब भारतीय ब्रांड का फोन चीन में बेस्ट सैलर होगा।
