8th Pay Commission से पहले CGHS पर नया नियम: अब माता-पिता या ससुराल पक्ष में एक को ही मिलेगा मेडिकल लाभ, बढ़ा विवाद
CGHS New Rule: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS के तहत नया नियम लागू हुआ है, जिसके अनुसार वे अपने माता-पिता ...और पढ़ें

8th Pay Commission से पहले CGHS पर नया नियम (फोटो AI जनरेटेड है।)

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नई दिल्ली| केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नया आदेश जारी किया है। 13 मई 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम में साफ किया गया है कि अब केंद्रीय कर्मचारी अपने माता-पिता या पत्नी के माता-पिता यानी ससुराल पक्ष में से किसी एक पक्ष को ही CGHS और CS(MA) Rules, 1944 के तहत मेडिकल सुविधा के लिए डिपेंडेंट के तौर पर चुन सकेंगे।
सिर्फ एक बार मिलेगा विकल्प
मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, यह विकल्प सिर्फ एक बार मिलेगा। यानी कर्मचारी अगर एक बार अपने माता-पिता को चुन लेता है, तो बाद में सास-ससुर को शामिल नहीं कर सकेगा। इसी तरह अगर शुरुआत में ससुराल पक्ष को चुना गया, तो बाद में माता-पिता को जोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि माता-पिता की मृत्यु जैसी परिस्थितियों में भी यह विकल्प बदला नहीं जा सकेगा। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से पहले सरकार ने यह व्यवस्था CGHS और CS(MA) Rules, 1944 दोनों के तहत आने वाले पात्र कर्मचारियों और लाभार्थियों पर लागू की है। मंत्रालय ने सभी विभागों और मंत्रालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
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नए नियम को लेकर खड़े हुए सवाल
हालांकि इस नए नियम को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि,
सरकार ने कर्मचारियों को सिर्फ एक पक्ष चुनने का अधिकार दिया है, लेकिन उन परिवारों को लेकर स्थिति साफ नहीं की गई है, जहां पत्नी पहले से नौकरी में थी और बाद में केंद्रीय कर्मचारी से शादी के बाद नए परिवार का हिस्सा बनी।
किसी एक को CGHS छोड़ना पड़ेगा?
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में क्या महिला कर्मचारी या उसके पति में से किसी एक को CGHS छोड़ना पड़ेगा? साथ ही अगर पति-पत्नी दोनों केंद्रीय सेवा में हों, तो क्या दोनों अपने-अपने माता-पिता के लिए अलग-अलग CGHS सुविधा ले सकेंगे? क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में आमतौर पर दोनों कर्मचारियों को एक ही CGHS कार्ड के तहत कवर किया जाता है।
केंद्रीय कर्मचारियों को विकल्प के तौर पर अपने माता पिता या स्पाउस के माता पिता में से #CGHS सुविधा के लिए किसी एक पक्ष को ही रखने का अधिकार होगा। कल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह आदेश जारी किया है। लेकिन इस आदेश में उन परिवारों के संबंध में कोई क्लैरिफिकेशन नहीं है… pic.twitter.com/oWHb5K29Z4
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) May 14, 2026
डॉ. पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय को इस पूरे मामले में विस्तृत क्लैरिफिकेशन जारी करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति खत्म हो सके। फिलहाल नए आदेश ने CGHS नियमों को लेकर बहस और असमंजस दोनों बढ़ा दिए हैं।
