घर बनाना होगा महंगा, बढ़ने वाले हैं सीमेंट के दाम; अक्टूबर में लगेगा महंगाई का तगड़ा झटका
Cement price hike: त्योहारी सीजन से ठीक पहले सीमेंट कंपनियों ने आम आदमी को बड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है, जिससे घर बनाना महंगा हो जाएगा।

सीमेंट के बढ़ेंगे दाम (ai photo)
HighLights
अक्टूबर में सीमेंट की कीमतों में ₹5 से ₹20 प्रति बोरी की वृद्धि।
यह लगातार दूसरा महीना है जब सीमेंट के दाम बढ़ रहे हैं।
त्योहारी सीजन में निर्माण गतिविधियों की मांग बढ़ने से दाम बढ़े।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: अगर आप अपने सपनों का घर बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं या आपका कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है, तो यह खबर आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकती है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले सीमेंट कंपनियों ने आम आदमी को बड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है। लगातार दूसरे महीने सीमेंट की कीमतों (Cement Prices) में बड़ा इजाफा होने जा रहा है।
अक्टूबर में कितने बढ़ेंगे रेट?
मार्केट रिपोर्ट्स के ताजा आंकड़ों की मानें तो, अक्तूबर महीने में सीमेंट की प्रति बोरी यानी 50kg के कीमतों में 5 रुपये से लेकर 20 रुपये तक की भारी उछाल आ सकती है। कीमतों में यह बढ़ोतरी देश के अलग-अलग हिस्सों और रीजनल मार्केट्स (Regional Markets) के आधार पर अलग-अलग हो सकती है, लेकिन इसका असर पूरे देश में देखने को मिलेगा।
सितंबर में भी महंगा हुआ था सीमेंट
आम आदमी के लिए यह महंगाई का दोहरा झटका है, क्योंकि कीमतों में यह बढ़ोतरी बैक-टू-बैक (लगातार दूसरे महीने) हो रही है। इससे ठीक पहले, बीते सितंबर महीने में भी सीमेंट कंपनियों ने दाम बढ़ाए थे। सितंबर में सीमेंट के दाम सबसे ज्यादा दक्षिण भारत में बढ़े थे। बता दें कि यहां प्रति बोरी औसतन 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं पश्चिम भारत में 9 रुपये, जबकि मध्य, पूर्व और उत्तर भारत में 5-5 रुपये प्रति बोरी की बढ़ोतरी दर्ज की गई
इस बढ़ोतरी के बाद कीमतें लगभग ₹360 से ₹440 के बीच रहेंगी।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सीमेंट के दाम?
मानसून की विदाई के साथ ही अक्टूबर से देश भर में कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में अचानक तेजी आ जाती है। त्योहारी सीजन और मांग (Demand) में सुधार का फायदा उठाने के लिए सीमेंट कंपनियां कीमतें बढ़ाकर अपने प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर करने की कोशिश कर रही हैं, जो मानसून के दौरान कम हो गया था।
गिरने के बाद भी दाम स्थिर?
सितंबर में कीमतों में सुधार के बावजूद, दूसरी तिमाही में अखिल भारतीय औसत ट्रेड प्राइस 351 रुपये प्रति बैग रहा, जो पिछली तिमाही से कम है। इसकी वजह जुलाई और अगस्त की कमजोर कीमतें रहीं, जिन्होंने सितंबर की बढ़त का असर कम कर दिया।
