नई दिल्ली, (पीटीआइ)। नकदी समस्या से जूझ रही बीएसएनएल अपने कंपनी ग्राहकों से बकाये की वसूली के लिए आक्रामक कदम उठाने को तैयार है। कंपनी को अगले दो तीन महीनों में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये की वसूली की उम्मीद है। बता दें कि बीएसएनएल ने इस साल दूसरी बार कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी की है। बीएसएनएल ने कर्मचारियों का जुलाई महीने का वेतन पांच अगस्त को जारी किया था। बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने कहा, 'हमारा कंपनी ग्राहकों के ऊपर बकाया है जो 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है। हम इसकी वसूली के लिए आक्रामक तरीके से कदम उठा रहे हैं...इस दिशा में हमें सफलता भी मिल रही है।'

पुरवार ने कहा कि हम अभी ये नहीं बता सकते कि पूरी बकाया राशि की वसूली कब तक कर पाएंगे, लेकिन हमें उम्मीद है कि अगले दो-तीन महीनों में बड़ी राशि की वसूली की जाएगी। इससे इतर कंपनी को किराये से भी बढ़ी हुई आय प्राप्त करने की उम्मीद है। इस साल बीएसएनएल की किराये से करीब 1,000 करोड़ रुपये की आय पर नजर है। पिछली बार यह 200 करोड़ रुपये थी। इस योजना के तहत मौजूदा इमारतों के अधिक-से-अधिक उपयोग और ज्यादा जगह को पट्टे पर देने की योजना है। इसके अलावा बीएसएनएल सालाना करीब 200 करोड़ रुपये तक बचाने को लेकर 'आउटसोर्स' किए गए कार्यों को दुरुस्त करने पर भी काम कर रही है।

कंपनी का मासिक आय और खर्च (परिचालन व्यय और वेतन) में 800 करोड़ रुपये का अंतर है। दूरसंचार विभाग पुनरूद्धार पैकेज के रूप में बीएसएनएल और महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) के लिए राहत योजना तैयार कर रहा है। दूरसंचार विभाग दोनों सार्वजनिक उपक्रमों (बीएसएनएल और एमटीएनएल) को पटरी पर लाने के इरादे से संभवत: उनके विलय पर भी काम कर रहा है। बीएसएनएल को 2018-19 में करीब 14,000 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान है। कंपनी को 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। 

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Posted By: Nitesh

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