कैपिटल इंडिया ने NCD से जुटाए ₹100 करोड़: 10% ब्याज के साथ निवेशकों की चांदी, कंपनी का क्या है मास्टरप्लान?
कैपिटल इंडिया फाइनेंस ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के जरिए ₹100 करोड़ जुटाए हैं, निवेशकों को 10% वार्षिक ब्याज मिलेगा। कंपनी ...और पढ़ें
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कैपिटल इंडिया फाइनेंस ने NCD से जुटाए ₹100 करोड़, 10% ब्याज के साथ निवेशकों को फायदा
HighLights
कैपिटल इंडिया फाइनेंस ने NCD के जरिए ₹100 करोड़ जुटाए।
निवेशकों को 10% वार्षिक ब्याज तिमाही आधार पर मिलेगा।
फंड का उपयोग लेंडिंग कारोबार और MSME लोन बढ़ाने में होगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| शेयर बाजार में लिस्टेड और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (CIFL) ने अपने बिजनेस को रफ्तार देने के लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के जरिए 100 करोड़ रुपये की बड़ी रकम जुटाई है। यह फंड सिक्योर्ड, रेटेड और ट्रांसफरेबल NCD के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए हासिल किया गया है।
इस शानदार इश्यू में 50 करोड़ रुपए का बेस इश्यू और 50 करोड़ रुपए का ग्रीन शू ऑप्शन शामिल रखा गया था। निवेशकों के नजरिए से देखें तो, इन NCDs पर हर साल 10 प्रतिशत का फिक्स ब्याज (कूपन रेट) मिलेगा, जिसका भुगतान हर तिमाही यानी तीन महीने के आधार पर किया जाएगा।
इन डिबेंचर्स की मियाद (Tenure) 27 महीने तय की गई है और जल्द ही इन्हें बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट भी किया जाएगा।
रकम का इस्तेमाल कहां करेगी कंपनी?
कंपनी इस 100 करोड़ रुपए के नए फंड का इस्तेमाल अपने लेंडिंग (कर्ज देने वाले) कारोबार को बढ़ाने और फंडिंग बेस को और ज्यादा मजबूत करने में करेगी। कैपिटल इंडिया का फोकस छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के साथ-साथ रिटेल ग्राहकों को सिक्योर्ड लोन बांटने पर है। यह फंड कंपनी की उधारी के स्रोतों को भी विविधता देगा।
MSME को लेकर है बड़ा प्लान
कैपिटल इंडिया फाइनेंस के सीईओ पिनांक शाह ने इस कामयाबी पर कहा,
NCD इश्यू का सफलतापूर्वक पूरा होना हमारी फंडिंग में विविधता लाने और विकास के अगले चरण की तैयारी के लिए एक बेहद अहम कदम है। अपने बढ़ते नेटवर्क, अनुशासित अंडरराइटिंग और मजबूत कैपिटल के दम पर हम उन MSME बाजारों तक अपनी पहुंच और मजबूत करेंगे, जहां अभी भी वित्तीय सेवाएं काफी सीमित हैं। हम आगे भी अपनी एसेट क्वालिटी, शानदार लिक्विडिटी और टिकाऊ रिटर्न के बीच एक बेहतरीन बैलेंस बनाए रखेंगे।"
कंपनी तेजी से अपना बिजनेस नेटवर्क बढ़ा रही है। वित्त वर्ष 2025 के अंत में कंपनी की केवल 29 शाखाएं थीं, जो अब 9 राज्यों में बढ़कर 46 हो गई हैं।

कैसा है कंपनी का प्रदर्शन?
कंपनी के वित्तीय नतीजे भी इसके शानदार प्रदर्शन की गवाही देते हैं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 22% की सालाना ग्रोथ के साथ 1,227.37 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। लोन बांटने की रफ्तार भी 62% बढ़कर 753.54 करोड़ रुपये रही और कंपनी ने 229.67 करोड़ रुपये की कुल आय दर्ज की।
ग्रोथ का यह शानदार सिलसिला वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में भी बना रहा। इस दौरान कंपनी की स्टैंडअलोन आय सालाना आधार पर 32% बढ़कर 69.53 करोड़ रुपये हो गई। लोन बांटने में 36% और AUM में 20% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, 30 जून 2026 तक कंपनी का कैपिटल पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) 43.58% के मजबूत स्तर पर बना हुआ है।
