नई दिल्ली, पीटीआइ। सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने गुरुवार को विभिन्न अवधि के लिए अपने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (MCLR) में 0.30 फीसद तक की कटौती की। केनरा बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि एक दिन और एक महीने की उधारी दरों में 0.20 फीसद की कमी कर इसे सात फीसद कर दिया गया है। तीन महीने की एमसीएलआर को 7.45 फीसद से घटाकर 7.15 फीसद कर दिया गया है। 

बैंक ने बताया कि छह महीने के एमसीएलआर को 7.50 फीसद से घटाकर 7.40 फीसद कर दिया गया है। एक साल के लिये एमसीएलआर को 7.55 फीसद से कम करके 7.45 फीसद कर दिया गया है। 

केनरा बैंक ने कहा कि संशोधित उधारी दरें सात अगस्त से लागू होंगी। एमसीएलआर में कमी से कर्जदारों का बोझ कम होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा, लेकिन साथ ही कहा कि कोविड-19 संकट के मद्देनजर भविष्य में जरूरत पड़ी तो वह दरों में कटौती के लिए नरम रुख अपनाएगा। 

गवर्नर शक्तिकांत दास ने केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि रेपो दर को चार फीसद पर यथावत रखा गया है।

उधर, रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में आज रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में किसी तरह का कोई बदलाव किया गया। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट को 4 फीसद और रिवर्स रेपो रेट को 3.3 फीसद पर बरकरार रखा गया है। लेकिन उन्होंने कहा कि भविष्य में COVID-19 संकट की मार झेल रही अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए जरूरत पड़ने पर दरों में और अधिक कटौती की जा सकती है।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस