नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में एचडीएफसी बैंक के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें उसने एफडीआई के जरिए 24 हजार करोड़ रुपए जुटाने की बात कही है। बैंक ये रकम अपनी बिजनेस ग्रोथ के लिए जुटाना चाहती है।

इस पूंजी को जुटाने के साथ ही, बैंक में एफडीआई की यह निवेश सीमा 74 फीसद के नियामकीय दायरे में ही होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी। वर्तमान समय में एचडीएफसी बैंक में एफडीआई की सीमा 72.62 फीसद है। 24,000 करोड़ रुपये की इस अतिरिक्त पूंजी में से 8,500 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर बैंक के प्रवर्तक एचडीएफसी लिमिटेड को वरीयता के आधार पर आबंटित किए जाने का प्रस्ताव है।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि इस तरीके से बैंक के पूंजी पर्याप्तता अनुपात को मजबूती मिलेगी और बैंक ने इस पूंजी से अपने ब्रांच नेटवर्क के साथ ही डिजिटल बैंकिंग के पहुंच के विस्तार का इरादा जताया है। वहीं, दूसरी तरफ सरकारी बैंकों की लाभप्रदता भी हाल फिलहाल के दिनों बेहतर नहीं रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंक इस समय एनपीए रिकवरी के लिए मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि सरकार तेजी से बढ़ रहे एनपीए के दायके को कम करने और इस समस्या को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए कई स्तर पर प्रयास कर रही है।

By Praveen Dwivedi