नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। प्रतिस्पर्धा को अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी बताते हुए संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने कहा है कि इससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता और कीमत में कमी का लाभ मिलता है। साथ ही इससे इनोवेशन को भी बढ़ावा मिलता है। सिन्हा ने कहा कि राज्यों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धी संघवाद की भावना ब्रांड इंडिया की नई हकीकत है।

सिन्हा ने इंटरनेशनल कंप्टीशन नेटवर्क के 17वें वार्षिक सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए यह राय रखी। 21 से 23 मार्च तक आयोजित हुए इस सम्मेलन में 73 देशों के 520 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सिन्हा ने कहा कि दीर्घकाल में प्रतिस्पर्धा से उपभोक्ता, कारोबार और अर्थव्यवस्था सबको लाभ होता है। प्रतिस्पर्धा की वजह से जहां उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता और किफायती कीमतों के रूप में लाभ मिलता है वहीं कंपनियां इसकी वजह से इनोवेशन पर जोर देती हैं। इस तरह पूरी अर्थव्यवस्था पर इसका सकारात्मक असर पड़ता है।

सिन्हा ने इस मौके पर मोदी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वैश्विक प्रतिस्पर्धा रिपोर्ट में 55वें स्थान से चढ़कर 39वें नंबर पर आ गया है। इसी तरह ईज ऑफ डूइंग इंडेक्स पर भी बीते तीन साल में भारत 142वें नंबर से चढ़कर 100वें नंबर पर पहुंच गया है। साथ ही डब्ल्यूईएफ की ट्रैवल और टूरिज्म कंप्टीटिवनेस इंडेक्स में भारत 65वें स्थान से 40वें नंबर पर आ गया है।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अध्यक्ष डी. के. सीकरी ने कहा कि दुनिया में भौगोलिक, कारोबारी और कानूनी प्रावधानों की विविधताएं होने के बावजूद प्रतिस्पर्धा कानून के क्रियान्वयन के संबंध में संचार की एक समान भाषा है। इंटरनेशनल कंप्टीशन नेटवर्क के वार्षिक सम्मेलन से विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाने में मदद मिली है।

Posted By: Praveen Dwivedi

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