नई दिल्ली, पीटीआइ। स्पाइसजेट की फ्लाइट में अब आपको बहुत जल्द इंटरनेट सर्विस भी मिलेगी। स्पाइसजेट के सीएमडी के मुताबिक विमानों में जल्द ही ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस शुरू होने की उम्मीद है। स्पाइसजेट अगले कुछ महीनों में और अधिक बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल करेगी। उम्मीद है कि जल्द ही इसके विमानों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा शुरू हो जाएगी। इसकी जानकारी स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने सोमवार को दी।

एयरलाइन के पास 91 विमानों का बेड़ा है, जिसमें से 13 मैक्स विमान हैं और 46 बोइंग 737 विमान के पुराने एडिशन हैं। यह जानकारी स्पाइसजेट की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार मिली है। एयरलाइन की 17वीं वर्षगांठ पर कर्मचारियों को अपने ईमेल में सिंह ने कहा कि वाहक महीने दर महीने सबसे अधिक भार के साथ उड़ान भर रहा है और आने वाले महीनों में और भी ज्यादा उड़ान भरने की उम्मीद करता है।

बेड़े में कई और मैक्स विमान होंगे शामिल 

स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बताया कि बोइंग 737 मैक्स हमारे बेड़े में सर्विस के लिए फिर से लौट आए हैं और यात्रियों से अच्छा रिव्यू मिल रहा है। अगले कुछ महीनों में हम अपने सभी पुराने विमानों को बदलने के लक्ष्य के साथ अपने बेड़े में कई और मैक्स विमान शामिल करेंगे।

बड़ी संख्या में मालवाहक विमानों को जोड़ेगी स्पाइसएक्सप्रेस

उन्होंने कहा कि एयरलाइन की सफल कार्गो कंपनी स्पाइसएक्सप्रेस बड़ी संख्या में मालवाहक विमानों को जोड़ेगी और उद्योग में अपनी नेतृत्व स्थिति को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि हम इस साल अपने नेटवर्क में नए उत्पादों और नए मार्गों को जोड़ना जारी रखेंगे। स्पाइसक्लब, हमारे अद्भुत लॉयल्टी प्रोग्राम ने हाल ही में हमारे को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड को लॉन्च किया है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमारे विमान में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा शुरू हो जाएगी।

स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि स्पाइसजेट के रूट नेटवर्क का विस्तार भारत और दुनिया भर में यूनिक और नए एक्साइटिंग डेस्टिनेशनन को शामिल करने के लिए भी किया जाएगा। स्पाइसजेट को विशेष रूप से कोविड संकट के माध्यम से अपने देश की सेवा में आप सभी की शानदार भूमिका के लिए पहचाना गया है। सिंह ने कहा कि हमने 1,00,000 से अधिक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर्स को भारत पहुंचाया है, वो भी ऐसे वक्त में जब उनकी सबसे अधिक आवश्यकता थी। हम देश में कोविड के टीकों के पहले और सबसे बड़े ट्रांसपोर्टर थे।

Edited By: Sarveshwar Pathak