नई दिल्ली: पांच देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के समूह ब्रिक्स ने बाजार उन्मुख सिद्धांतों पर आधारित एक स्वतंत्र साख एजेंसी स्थापित करने पर आज सहमति जताई है। उसने कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर कामकाज का ढांचा मजबूत होगा। आठवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त बयान में कहा गया, “हम वैश्विक स्तर पर कामकाज के ढांचे को और मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों की तरफ से बाजार उन्मुख सिद्धांतों पर आधारित एक स्वतंत्र ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी स्थापित करने की संभावना टटोलने का स्वागत करते हैं।” गौरतलब है कि 15 और 16 अक्टूबर को ब्रिक्स का शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ है।

ब्रिक्स के साझा बयान के मुताबिक, “हमारा मानना है कि वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बदलाव हमारे साझा विचार के लिहाज से ब्रिक्स संस्था का निर्माण महत्वपूर्ण है जो निष्पक्षता और समानता के सिद्धांतों पर आधारित है।” ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान में कहा, वैश्विक वित्तीय ढांचे में अंतर को और पाटने के लिए हम ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी स्थापित करने में तेजी लाने में सहमत हुए हैं।

ब्रिक्स सदस्य देश अपने वित्त पोषण की जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले ही नव विकास बैंक स्थापित कर चुके हैं। यह बैंक पिछले साल परिचालन में आया। इससे पहले ब्रिक्स समूह द्वारा नई रेटिंग एजेंसी गठित करने की वकालत करते हुए नव विकास बैंक के अध्यक्ष के वी कामत ने तीन बड़ी वैश्विक रेटिंग एजेंसियों फिच, मूडीज और स्टैंडर्ड एंड पूअर्स के रेटिंग तय करने के तौर-तरीकों को लेकर चिंता जताई और कहा कि उनके नियम उभरते देशों में वृद्धि के रास्ते की बाधा हैं। भारतीय निर्यात आयात बैंक ने भी ब्रिक्स देशों के लिए स्वतंत्र रेटिंग एजेंसी की पुरजोर वकालत की थी।

Posted By: Praveen Dwivedi

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