मुंबई। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने सोमवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार का आर्थिक मोर्चे पर कोई खास प्रभाव पड़ने के आसार नहीं हैं, लेकिन केंद्र सरकार के लिए राजनीति थोड़ी अधिक पेचीदी हो सकती है।

फिच के मुताबिक भाजपा की हार से भारत के मध्यावधि आर्थिक परिदृश्य के बारे में उसकी राय नहीं बदली है। एजेंसी के एशिया प्रशांत क्षेत्र में सरकारों की साख का काम देखने वाले निदेशक थॉमस रुकमाकर ने एक बयान में कहा, 'इस हार से केंद्र सरकार के लिए राजनीति पेचीदा हो सकती है, लेकिन हमें नहीं लगता कि इससे आर्थिक मोर्चे पर कोई बड़ा असर होगा।'

फिच ने कहा है कि इन नतीजों का विदेशी निवेशकों के निर्णय पर असर पड़ने की आशंका नहीं है। इसके अलावा भाजपा बिहार में बड़े अंतर से जीत भी जाती तो राज्यसभा के राजनीतिक समीकरण पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ने वाला था।

भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए को राज्यसभा में बहुमत का समर्थन नीं है, इसलिए कई महत्त्वपूर्ण आर्थिक विधेयक वहां अटक गए हैं। इनमें वस्तु एवं सेवा टैक्स (जीएसटी) और जमीन अधिग्रहण विधेयक शामिल है। रुकमाकर का मानना है कि केंद्र सरकार तदर्थ राजनीतिक सौदों के जरिए विधेयक पारित कराने का प्रयास जारी रखेगी और यदि ऐसा करना संभव नहीं हुआ तो वह राज्य स्तर पर उन्हें लागू करना जारी रखेगी।

इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बिहार के चुनावी नतीजे का असर आर्थिक सुधार प्रक्रिया पर नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसमें अर्थव्यवस्था के लिए कोई नुकसान है, बुनियादी सुधार जारी रहेंगे। इन्हें तेजी से लागू किया जाना चाहिए।'

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Posted By: Shashi Bhushan Kumar

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